गोंडा। कोरोना महामारी के कहर से हर किसी की आंखें नम हैं। दो सौ से अधिक परिवारों ने कोई न कोई सदस्य खोया है। सबसे अधिक दर्द से वे वह कराह रहे हैं जिनके सिर से मां- पिता दोनों का साया छिन गया है। कोरोना ने किसी की जिंदगी छीनी तो किसी का रोजगार छीना तो किसी का सब कुछ छीन लिया। हर कोई आगे के जीवन के लिए संघर्ष करता दिख रहा है।
ऐसे ही एक परिवार की जिंदगी पल भर में बेपटरी हो गई। जनपद मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर राम नगर तरहर गांव में राम दुलारे का परिवार रहता था। सब कुछ ठीक ठाक चल रहा था कि अचानक कोरोना की पहली लहर ने उसको सांस की बीमारी से जकड़ लिया।
पहले राम दुलारे सोनी को काल ने निगला फिर कुछ महीने बाद उसकी पत्नी कुसलावती देवी भी महमारी की भेंट चढ़ गई। पति पत्नी की मौत के बाद 6 बच्चों का हंसता खेलता बचपन बिखर गया।
सबसे बड़े बेटे शिवा सोनी के ऊपर अब पूरे परिवार का बोझ है और बड़ी बेटी रोशनी सरकार से अपील कर रही है की उसको पढ़ाई करनी है और अपनी नाम को चरितार्थ करना है। राम दुलारे सोनी और दुलारे की मौत के बाद अब पूरा परिवार बिखरा है। रहने की दिक्कत और खाने की दिक्कत दोनों खड़ी है तो एक कमरे में सब लोग जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं।
शिवा का कहना है की उसको अपने भाई बहन को पढ़ाना है उनको पालना है। वहीं सरकार से मदद की भी गुहार लगा रहा है। उसके ऊपर अपने एक भाई और चार बहनों का भरण पोषण करना है।
शिवा के अलावा परिवार में रोशनी, चंदा, बजरंगी, काजल, मोहिनी है जिनको मदद की दरकार है। वहीं राम नगर तरहर गांव के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अंकित पांडेय से जब हमने बात की तो उनका कहना है की जो भी सरकारी योजना का लाभ दिलाया जा सकता है, दिलाया जायेगा।
वहीं जिले के जिम्मेदारों का कहना है की ऐसे परिवारों का आंकड़ा जुटाया जा रहा है और उनको सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाया जायेगा। हेल्पलाइन नम्बर जारी किया गया है जिसपर ऐसे परिवारों की सूचना दी जा सकती है। जिससे उनको योजनाओ से आच्छादित किया जा सके। जिला प्रोबेशन अधिकारी जयदीप सिंह ने बताया की केंद्र और राज्य सरकार ऐसे परिवारों को चिह्नित कर मदद करने की कवायद में जुटी है।
कोरोना महामारी में मां- पिता या किसी के खोने पर बेसहारा हो चुके बच्चों के लिए मुख्यमंत्री ने नई योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से बालिग होने तक बच्चों को चार हजार प्रतिमाह मदद मिलेगी। इसके अलावा शिक्षा की योजना से जोड़ेंगे। इससे बेसहारा हो चुके, इन परिवारों को काफी उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि इस महीने से योजना में शामिल किए जाने की कार्रवाई शुरू होगी।