रसोई गैस देने वाली कंपनियों को सरकारी स्तर पर लोगों को मुफ्त गैस कनेक्शन देने का आदेश ऊपर से भी दिया गया है, लेकिन भारत गैस एजेंसी की कंपनियों ने बीपीएल कार्डधारकों को मुफ्त में गैस कनेक्शन देने के बजाय इस पूरे मामले में चुप्पी साध रखी है। वहीं, गरीबों को गैस कनेक्शन लेने के लिए साढ़े चार हजार रुपये देने पड़ते हैं।
बताया जाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के तहत भारत गैस कंपनियों ने दो माह पूर्व बीपीएल कार्डधारकों को मुफ्त में गैस कनेक्शन देने का सिलसिला शुरू किया है।
लेकिन भारत पेट्रोलियम गैस के अधिकारियों की मनमानी से जिले में गरीबों को मुफ्त कनेक्शन दिए जाने की योजना केवल कागजी स्लोगन तक ही सीमित है। इस योजना के नाम पर एजेंसियां गरीब परिवारों से मोटी रकम वसूल रही हैं। मनमाना पैसा न देने पर लोगों को परेशान भी किया जा रहा है।
बीपीएल कार्डधारकों से खंड विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी और इसके बाद जिला पूर्ति अधिकारी से आवेदन फॉर्म सत्यापित कराकर ही उसे जमा करवाते हैं। इसके बाद कई बार एजेंसी के चक्कर लगाने के बाद ही एजेंसी के मालिक गैस कनेक्शन देते हैं।
गैस कंपनी के सूत्रों के अनुसार बीपीएल कार्डधारकों को कनेक्शन देने के एवज में उनसे रिफिलिंग का 631 रुपये, प्रशासनिक टैक्स 385 रुपये, पाइप के लिए 190 रुपये व गैस चूल्हे के लिए 1974 रुपये लिया जाता है।
इसके तहत आवेदक को कुल 3180 रुपये देना होता है। जबकि गैस सिलेंडर की सिक्योरिटी 1450 रुपये, रेग्यूलेटर का चार्ज 150 रुपये और देना होता है। बता दें कि केंद्र सरकार से उपभोक्ताओं को गैस चूल्हा लिए जाने के लिए बाध्य नहीं किया गया है।
भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के सेल्स आफीसर अंशुमान टिग्गा ने फोन पर बताया कि वह मीटिंग में हैं, इसलिए बाद में बात करेंगे। जबकि भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के प्रादेशिक प्रबंधक अमित नरूला ने कहा कि जो भी एजेंसी भारत पेट्रोलियम की गाइड लाइन से हटकर गैस कनेक्शन देगी, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।