गोंडा। गो माताओं का घर गोशाला नहीं बल्कि किसानों का चन्नी व खूंटा है। हर घर में गो पालन के लिए विशेष मुहिम शुरू की जाएगी। इसमें हर हिंदू परिवार से एक गाय गोद लेने की अपील की जाएगी। गो पालन करने वालों को 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भत्ता मिलेगा तथा दो गायों को गोद लेने वालों को पशुशेड का लाभ दिया जाएगा।
ये बातें बुधवार को सिंचाई विभाग फील्ड हास्टल में प्रेसवार्ता के दौरान उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ल ने कहीं। उन्होंने कहा कि आज गो-पालन सिर्फ दूध तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि गो-मूत्र व गोबर आधारित प्राकृतिक खेती से किसानों को अच्छा फायदा मिल रहा है।
जैविक उत्पादों की बाजार में अच्छी कीमत मिल रही है। गोबर गैस संयंत्र के लिए किसानों को अनुदान दिया जा रहा है, जिससे ईंधन की काफी बचत हो सकती है। उपाध्यक्ष ने कहा कि सिर्फ गोशालाएं बनाने से गो संरक्षण नहीं हो सकता, बल्कि एक बार फिर से गोपालन प्रचलन में लाना होगा। हर व्यक्ति को एक-एक गो माता गोद लेनी चाहिए।