गोंडा। कई मोहल्लों में नागरिक संगम के बाद डीएम नेहा शर्मा ने शहर के विकास को धरातल पर उतारने की योजना को मंजूरी दी है। 5.43 करोड़ रुपये की लागत से शहर में सड़कों की मरम्मत, रबरमोल्ड इंटरलॉकिंग, नाली निर्माण, मार्ग प्रकाश और प्रमुख इलाकों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
डीएम ने शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाने और लोगों के जीवन को सरल और सुगम बनाने की योजना तैयार करने को कहा है। नगर पालिका परिषद के अफसरों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि सभी कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। अधिशासी अधिकारी संजय मिश्र ने बताया कि 15वें वित्त आयोग से प्राप्त अनुदान से इन परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जाएगा। इन विकास कार्यों के पूरा होने के बाद गोंडा शहर नई पहचान के साथ विकसित होगा।
गुरुनानक चौक पर लगेंगी सिग्नल लाइटें
पटेलनगर में गुड्डूमल चौराहे से गुरुनानक चौक तक सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। गुरुनानक चौक पर सिग्नल लाइटें लगवाई जाएंगी। इससे यातायात प्रबंधन को सुदृढ़ और सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी। जाम की समस्या में कमी भी आएगी। 1.30 करोड़ रुपये लागत की इस परियोजना का उद्देश्य शहरी विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। शहर की सड़कें अब एलईडी लाइटों से जगमग होंगी। मार्ग प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ बनाने के लिए 45 और 90 वाट के एलईडी बल्ब, पाइप, होल्डर और केबल मंगवाए जा रहे हैं। ऊंचे खंभों पर लाइट लगाने और मरम्मत आदि के लिए 26.50 लाख से 11 मीटर की हाइड्रोलिक लिफ्ट मंगाई जाएगी।
90 से ज्यादा होंगे काम
27 वार्डों में नाली-नाला, इंटरलॉकिंग और सीसी रोड निर्माण के 84 काम कराए जाएंगे। इससे आवागमन सुलभ होने के साथ ही जलनिकासी व्यवस्था सुदृढ़ होगी। सौंदर्यीकरण के कई काम भी इसमें शामिल हैं। गुरुनानक चौक और गुड्डूमल चौराहे तक सड़क की दोनों पटरियों का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। पूरे शिवा बख्तावर डंपिंग ग्राउंड में 2.60 करोड़ रुपये की धनराशि से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी। डस्टबिन, कूड़े के ठेले, स्पेयर मशीन, सफाई मित्रों के लिए सेफ्टी टूल किट, छोटे-बड़े वाहनों की खरीद की जाएगी। पेयजल आपूर्ति व्यवस्था सुधार के लिए पानी के टैंकर, सेक्शन मशीन, छोटे डंपर आदि की खरीद होगी। 37.50 रुपये लाख से गांधी पार्क पंप हाउस की बाउंड्री निर्माण और 50 लाख से महारानीगंज जलाशय का निर्माण होगा। इन योजनाओं के अंतर्गत शहर के प्रमुख स्थलों, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। हरित योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए सजावटी पौधे लगाए जाएंगे, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ शहर का स्वरूप भी निखरेगा।