गोंडा में कोरिया जा रही ताइक्वांडोल खिलाडी के साथ कोच। (फाइल फोटो)
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गोंडा। जिले की बहादुर बेटियां देश व प्रदेश में ही नही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का दम दिखा रही हैं। ताइक्वांडो से कई बेटियों ने जिले का नाम रोशन किया है। शहर के मालवीय नगर की श्रद्धा जो 16 वर्षों में ताइक्वांडो क्षेत्र में अपना नाम बना चुकी। श्रद्धा सेंट जेवियर्स विद्यालय की कक्षा 12 की छात्रा है। जिसने वर्ष 2018 में ताइक्वांडो महासंघ कोरिया से ब्लैक बेल्ट की उपाधि प्राप्त की।
श्रद्धा ने वर्ष 2017 कानपुर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में रजत पदक, वर्ष 2017 सीबीएसई नेशनल उड़ीसा में कांस्य पदक, वर्ष 2017 सीबीएसई जोनल में रजत पदक वर्ष 2018 स्टेट प्रतियोगिता बरेली में स्वर्ण पदक ,वर्ष 2018 स्कूल गेम फेडरेशन ऑफ इंडिया लखनऊ में रजत पदक वर्ष 2019 रांची में आयोजित सीबीएसई गेम्स नेशनल मेंड कांस्य पदक वर्ष 2019 नजीबाबाद राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर जनपद व प्रदेश का नेतृत्व कर कई कीर्तिमान हासिल किए।
दीक्षा सिंह 17 वर्षीय छात्रा जो कक्षा 12 की रघुकुल विद्यापीठ की छात्रा उसने महज इसी उम्र में देवरिया, लखनऊ, अलीगढ़ ,इटावा, बरेली, रांची ,गया, नोएडा मैं आयोजित कई राज्य व राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक अर्जित कर थ्की हैं। सिविल लाइंस गोंडा निवासी अनुष्का सिंह महज 11 वर्ष की बालिका जो इंदिरा इंटरनेशनल स्कूल की कक्षा 5 की छात्रा है इसने इस उम्र में आत्मरक्षा के खेल ताइक्वांडो में एक मिसाल कायम की है। ताइक्वांडो एसोसिएशन के सचिव प्रत्यूष राज ने कहा बेटियां लगातार आगे बढ़ रही हैं। वर्ष 2019 में ताइक्वांडो महासंघ कोरिया द्वारा ब्लैक बेल्ट उपाधि प्राप्त बालिकाएं शिखा गर्ग, पलक चौधरी महिमा वैष्णवी, दीक्षा चौधरी, निहारिका श्रीवास्तव भी आगे बढ़ रही हैं।