नवाबगंज के इंदरपुर में शव रखकर प्रदर्शन करते ग्रामीण व बिलखते परिजन। - संवाद
विश्नोहरपुर। नवाबगंज के इंदरपुर के मजरे पूरे अंबर में पानी में डूबकर 32 वर्षीय बृजेश की मौत के बाद बृहस्पतिवार को परिजनों ने निर्माणाधीन 84 कोसी परिक्रमा मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन किया। परिजनों ने निर्माण कंपनी पर गांव का मुख्य रास्ता बंद करने का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की। इसके बाद निर्माण कंपनी ने करीब दो माह से बंद मुख्य रास्ते को खोलकर डंपर से मिट्टी डालकर आवागमन बहाल करा दिया।
बुधवार को मजदूरी के लिए निकले बृजेश की गांव के पास पानी में डूबने से मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद बृहस्पतिवार को शव घर पहुंचा। परिजन अंतिम संस्कार के लिए ले जाने से पहले निर्माणाधीन मार्ग पर शव रखकर बैठ गए। ग्रामीण संजय के अनुसार मुख्य रास्ता करीब दो माह से बंद था। इसके चलते करीब 50 मीटर दूर खेत में बनाए गए ओवरब्रिज से आवागमन हो रहा था। बाढ़ का पानी भरने से वहां से निकलना मुश्किल हो गया था। बृजेश के भाई राकेश ने परिवार के लिए मुआवजे की मांग की।
करीब आधे घंटे बाद परिजन शव लेकर चले गए। महंगूपुर स्थित श्मशान घाट पर बेटे प्रीतम ने बृजेश का अंतिम संस्कार किया। सीओ उमेश्वर प्रभात सिंह व नवाबगंज थानाध्यक्ष मृत्युंजय सिंह भी मौके पर पहुंचे। एसडीएम तरबगंज सविता शुक्ला ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में है। तहसीलदार को मौके पर भेजा गया था। परिजनों को आपदा राहत और कृषक दुर्घटना योजना के तहत सहायता दी गई है।
नवाबगंज के इंदरपुर में शव रखकर प्रदर्शन करते ग्रामीण व बिलखते परिजन। - संवाद