कांवड़ियों की सुरक्षा व व्यवस्था की निगरानी के लिए अधिकारियों के साथ ही पुलिस व स्वयंसेवी संग
गोंडा। कजरी तीज पर कांवड़ यात्रा और मेले को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। श्रद्धालुओं की भीड़ और कांवड़ियों की सुरक्षा को देखते हुए अफसरों ने रातभर अलग-अलग मोर्चों पर डटे रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी की।
डीएम प्रियंका निरंजन ने बताया कि कजरी तीज पर जिले में करीब 20 लाख कांवड़ियों ने जलाभिषेक किया। व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए शहर से करनैलगंज स्थित सरयू पुल तक बनाए गए पहले जोन की प्रभारी सीआरओ रिंकी जायसवाल थीं। पृथ्वीनाथ मंदिर से आर्यनगर होते हुए करनैलगंज तक बनाए गए दूसरे जोन का प्रभारी एडीएम को बनाया गया था। दोनों जोन में आठ-आठ सेक्टर बनाए गए थे।
सरयू घाटों और प्रमुख मंदिरों में बैरिकेडिंग के साथ प्रकाश और सफाई की व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए घाटों पर गोताखोर तैनात रहे। मंदिरों और प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। कांवड़ मार्गों पर भी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। एसपी अभिषेक ने विभिन्न स्थानों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
कांवड़ियों की सुरक्षा व व्यवस्था की निगरानी के लिए अधिकारियों के साथ ही पुलिस व स्वयंसेवी संग
कांवड़ियों की सुरक्षा व व्यवस्था की निगरानी के लिए अधिकारियों के साथ ही पुलिस व स्वयंसेवी संग
कांवड़ियों की सुरक्षा व व्यवस्था की निगरानी के लिए अधिकारियों के साथ ही पुलिस व स्वयंसेवी संग