नवाबगंज के ग्राम पंचायत तुलसीपुर माझा व लिदेहना ग्रंट में क्षेत्र पंचायत निधि के तहत बिना काम कराए ही मनरेगा योजना से 26 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। इसकी जांच के लिए जब अधिकारी पहुंचे तो उन्हें दस्तावेज ही गायब मिले। ऐसे में घोटालेबाज प्रशासन को चकमा देकर मामले को दबाने में जुट गए हैं।
कैसरगंज के सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने जिला सतर्कता समिति की बैठक में विकासखंड नवाबगंज में मनरेगा योजना के अंतर्गत बिना काम कराए ही 68 लाख रुपए के भुगतान के फर्जीवाड़े का आरोप लगाया था। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराने की मांग की थी।
इस शिकायत पर डीएम आशुतोष निरंजन ने बीते 20 अक्टूबर को विकासखंड नवाबगंज के दफ्तर में छापा मारकर 26 लाख रुपये के अनियमित भुगतान का मामला पकड़ा था। डीएम की जांच में खुलासा हुआ कि नवाबगंज के खंड विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत तुलसीपुर माझा व लिदेहना ग्रंट में वित्तीय वर्ष 2015-16 व 2016-17 में क्षेत्र पंचायत निधि के तहत 13 परियोजनाओं की स्वीकृति ली गई थी
लेकिन एक भी परियोजना पर काम नहीं कराया गया। इसका स्थलीय सत्यापन भी नहीं कराया गया। खंड विकास अधिकारी ने विकास खंड में संबद्ध किए गए एक लिपिक की मिलीभगत से इन कामों का स्थलीय सत्यापन किए बिना ही अनियमित तरीके से इन कामों के बदले 26 लाख रुपये का भुगतान कर डाला।
डीएम ने डीडीओ को इसकी जांच सौपी थी, लेकिन डीएम की जांच के बाद इस घपले से जुड़े सभी अभिलेख गायब कर दिए गए। अभिलेखों के न मिलने से इस घपले की जांच एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी है।
जांच अधिकारी बनाए गए जिला विकास अधिकारी अनिल कुमार का कहना है कि इस मामले का कोई भी अभिलेख विकासखंड पर नहीं है, जिससे जांच प्रक्रिया आगे नही बढ़ सकी है। जांच से संबंधित अभिलेख मांगे गए हैं।
दस्तावेज गायब होने पर दर्ज होगा केस
शिकायत पर की गई जांच में 26 लाख की अनियमितता पकड़ी गई थी। इसकी पूरी जांच के लिए जिला विकास अधिकारी को नामित किया गया है। जांच में असहयोग करने या अभिलेख गायब करने की शिकायत मिलती है तो संबंधित अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। विभागीय कार्रवाई भी होगी।
-आशुतोष निरंजन, डीएम गोंडा