वर्ष 2005 के भादों के कृष्ण पक्ष की तृतीया की घटना आज भी रोंगटे खड़े कर देती है। हजारों कांवरियों से भरी पैसेंजर ट्रेन गोंडा से लखनऊ के लिए रवाना हुई। यह ट्रेन कचहरी स्टेशन, कठोला, मैजापुर से करनैलगंज सरयू की ओर जैसे बढ़ती गई, वैसे ही पूरी ट्रेन कांवरियों से खचाखच भर गई।
हजारों कांवरिए ट्रेन से तो सैकड़ाें निजी संसाधन व टैक्सी से सरयू पहुंचे। पैसेंजर ट्रेन को कांवरियों ने जंजीर खींच कर रेलवे पुल पर ही रोक लिया और दूसरे ट्रैक से होकर सरयू की ओर बढ़ने लगे। इसी बीच करीब सात बजे लखनऊ से आ रही इंटरसिटी ट्रेन आ धमकी और कांवरियों को रौंदते हुए निकल गई।
इसमें कुछ नदी में गिर गए तो कुछ के हाथ पैर कट गए। इस हादसे में करीब 16 कावंरियों की जान गई थी। इसके बाद रेलवे प्रशासन व जिला प्रशासन की नींद उड़ी और कांवरियों की यात्रा पर ध्यान दिया जाने लगा। इस बार जलाभिषेक को सकुशल निपटाने के लिए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं।
इस बार 31 अगस्त को कजली तीज है। इस दिन करनैलगंज स्थित सरयू तथा अयोध्या स्थित सरयू में हजारों कांवरियों का जत्था जल भरकर जिले के दुखहरन नाथ, पृथ्वीनाथ तथा बालेश्वरनाथ शिव मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। उधर, रेलवे प्रशासन ट्रेन की छतों पर कांवरियों को बैठने नहीं देगा। इसके लिए आरपीएफ व जीआरपी के जवान लगाए जाएंगे। ट्रेन को सरयू स्टेशन पर रोका जाएगा, जिससे कांवरिए उतर कर नदी तक आसानी से जा सकें।
प्रशासन की ओर से इस बार गोंडा-लखनऊ मार्ग को 30 अगस्त की दोपहर से सील कर दिया जाएगा। 30 अगस्त को कांवरिए सुबह से सरयू में स्नान करके जल भरेंगे। इसके बाद नंगे पैर चलते हुए 30 अगस्त की रात 12 बजे से ही जलाभिषेक करेंगे।
प्रशासन की ओर से सरयू पुल से लखनऊ की ओर जाने वाले मार्ग पर सरयू रेलवे क्रॉसिंग पर बैरियर लगाया जाएगा। इसके बाद गोंडा नगर में बड़गांव पुलिस चौकी के पास बैरियर लगाया जाएगा। वाहनों को रोकने के लिए बालपुर बाजार, गोंडा नगर की सीमा पर पोर्टरगंज व अंबेडकर चौराहे पर बैरियर लगाया जाएगा।
पृथ्वीनाथ शिव मंदिर के रास्ते में करनैलगंज कटरा मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग, कटरा बाजार में पीपल तिराहे, रामापुर चौराहे तथा आर्यनगर में गोंडा-बहराइच मार्ग के दोनों छोर पर बैरियर लगाया जाएगा। मंदिर परिसर के बाहर करीब एक किलोमीटर लंबी दो लाइन में पाइप लगाकर कांवरियों का जलाभिषेक कराया जाएगा।
कजली तीज पर जलाभिषेक के लिए पर्याप्त फोर्स लगाई जाएगी। सरयू नदी में पीएसी की बोट व गोताखोर लगाए जाएंगे। नदी में रस्सी बांध कर उसके आगे स्नान न करने की सीमा तय की जाएगी। हर मार्ग पर दो एंबुलेंस व डॉक्टरों की टीम लगाई जाएगी। -अजय कुमार उपाध्याय, डीएम गोंडा