महराजगंज तराई थानाक्षेत्र के जहानडीह गांव में संक्रामक बीमारी का प्रकोप दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। गत दो दिसंबर को संक्रामक रोग से एक किशोर की मौत हो चुकी है। गांव में आठ बच्चे संक्रामक रोग से पीड़ित हैं। ग्रामीण जहां बीमारी को खसरा बता रहे है वहीं गांव में पहुंची स्वास्थ्य टीम वायरल फीवर का नाम दे रही है। पीड़ितों को दवा आदि देकर बीमारी पर काबू करने का प्रयास किया जा रहा है।
सोमवार को जहानडीह निवासी पूर्व प्रधान जगदंबा मिश्रा, पीरु व राजकुमार ने बताया कि गांव में करीब दो सप्ताह से संक्रामक बीमारी खसरे का प्रकोप जारी है।
बच्चों के शरीर पर लाल दानों के साथ उन्हें तेज बुखार हो रहा है। इसी बीमारी से पीड़ित मुजीबुर्रहमान के 15 वर्षीय अरमान की इलाज के दौरान मौत हो गई।
फेरु अंसारी ने बताया कि अरमान को बुखार व दर्द के साथ-साथ शरीर में लाल-लाल दाने निकले थे। अरमान का इलाज भी प्राइवेट अस्पताल में हो रहा था। इसके बावजूद उसकी मौत हो गई।
गांव में 12 वर्षीय शानू, 7 वर्षीय गोलू, 10 वर्षीय मंजूर आलम व 11 माह का नाजिर तथा आमरीन भी बुखार व लाल दाने से पीड़ित हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में खसरे का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। ग्रामीण गांव में फैली गंदगी को बीमारी का मुख्य कारण बता रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सफाईकर्मी आता ही नहीं है। सड़कों पर नालियों का गंदा पानी भरा रहता है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. जयंत कुमार ने बताया कि गांव में स्वास्थ्य टीम तैनात कर दी गई है।
डॉ. मनीष, डॉ. मुर्तजा तथा डॉ. तुफैल पीड़ितों का इलाज कर रहे हैं। पीड़ित बच्चों में खसरे के नहीं बल्कि वायरल फीवर के लक्षण मिले हैं और दवा दी जा रही है। शीघ्र ही बीमारी पर काबू पा लिया जाएगा।