क्षमा शर्मा की फाइल फोटो व पीकू वार्ड में भर्ती बच्चे। संवाद
इटियाथोक/गोंडा। मौसम में बदलाव के साथ बुखार और संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। पारासराय गांव के सांवकपुरवा निवासी 14 वर्षीय क्षमा शर्मा की झटके के साथ तेज बुखार व संक्रमण के कारण रविवार को मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं, जिले में डेंगू के तीन नए मरीज मिले हैं। मेडिकल कॉलेज का 10 बेड का पीकू वार्ड फुल है। चिल्ड्रेन वार्ड में भी 12 बच्चे भर्ती हैं।
परिजनों के मुताबिक क्षमा को बृहस्पतिवार को अचानक बुखार आया। पहले स्थानीय चिकित्सकों से उपचार कराया गया लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। शुक्रवार को परिजन उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे पीकू वार्ड में भर्ती किया। रविवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि चिकित्सकों ने तेज बुखार की जानकारी दी थी। बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. आफताब आलम का कहना है कि बालिका गंभीर स्थिति में भर्ती कराई गई थी। उसे तेज बुखार के साथ ही झटके आ रहे थे। इसके कारण संक्रमण की वजह से उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी। उसे लखनऊ रेफर किया था लेकिन वहां ले जाने से पहले ही मौत हो गई।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
क्षमा के पिता हरिशंकर शर्मा मुंबई में मजदूरी करते हैं। मां सुशीला देवी भी मजदूरी कर परिवार चलाती हैं। क्षमा के चार बहनें हैं। मौत से परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। शिक्षिका शोभा जैक्सन ने बताया कि क्षमा होनहार थी। उसके निधन से विद्यालय और गांव में शोक का माहौल है। विद्यालय में शोकसभा आयोजित कर शिक्षकों और छात्रों ने दो मिनट मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।
स्वास्थ्य टीमों को निगरानी के निर्देश
एसीएमओ डॉ. सीके वर्मा ने बताया कि संक्रामक बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य टीमों को मरीजों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। किसी क्षेत्र से बीमारी की जानकारी मिलने पर तत्काल टीम भेजकर निरोधात्मक कार्रवाई कराई जाती है। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने बताया कि मौसम बदलने के साथ बुखार और संक्रमण के मरीज बढ़े हैं। बच्चों की सेहत को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
इन बातों का रखें ख्याल
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक एवं बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. आफताब आलम ने बताया कि बच्चों को साफ पानी पिलाएं और मच्छरों से बचाकर रखें। घर के आसपास पानी जमा न होने दें। तेज बुखार, लगातार उल्टी, अत्यधिक कमजोरी, सांस लेने में परेशानी या शरीर पर दाने जैसे लक्षण दिखें तो बच्चे को तत्काल डॉक्टर को दिखाएं। बिना चिकित्सकीय सलाह के बच्चों को बुखार की दवा न दें।
क्षमा शर्मा की फाइल फोटो व पीकू वार्ड में भर्ती बच्चे। संवाद