मंगुरा बाजार (गोंडा)। गरीबों और श्रमिकों के खातों में सरकार की ओर से आर्थिक मदद दी गई है। 16 विकास खंडों के श्रम विभाग के पंजीकृत श्रमिकों और मनरेगा श्रमिकों के खातों में आर्थिक मदद दी गई है।
शुक्रवार को परास गांव में श्रमिकों के भुगतान में हेराफेरी को लेकर शिकायत हुई थी और जांच के दौरान फायरिंग में दो लोगों की हत्या हो गई थी। अब भुगतान के मामले की जांच के लिए पहले से ही निगरानी शुरू करा दी हे। सीडीओ शशांक त्रिपाठी ने जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम को लगाया है और रैंडम जांच करके रिपोर्ट मांगी है।
प्रदेश की योगी सरकार ने हाल ही में मनरेगा के श्रमिकों के बकाया भुगतान जारी किया है। इसके अलावा श्रम विभाग श्रमिकों को एक हजार रुपए की मदद दे रहे हैं। 14 हजार के करीब श्रमिकों भुगतान किया है और इसी तरह 50 हजार से अधिक मनेरगा के श्रमिकों को भुुगतान भेजा गया है। प्रशासन को शिकायत मिली कि गांवों में श्रमिकों से पैसा निकलवा कर लिए जा रहे हैं। इसमें पंचायत के कर्मचारियों की भूमिका सवालों से घिरी है। इसी शिकायत को लेकर परास गांव में हत्याकांड हो गई। इससे प्रशासन ने अब निगरानी बढ़ा दी है।
सीडीओ शशांक त्रिपाठी ने बताया कि ब्लॉकवार नोडल अधिकारियों की तैनात कर दी गई है। जो प्रतिदिन दस लोगों की रेंडम चेकिंग करके अपनी रिपोर्ट देंगे। सभी बीडीओ को भी निगरानी के भी निर्देश दिए हैं।