गन्ना लदी ट्रॉली में रिफ्लेक्टर लगाते एआरटीओ आरसी भारतीय। स्रोत: विभाग
गोंडा। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर विराम लगाने के लिए प्रशासन अब मिशन मोड में उतर आया है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गोंडा सांसद व विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह को पत्र भेजकर उनके निर्वाचन क्षेत्र में जनवरी 2026 को ‘शून्य मृत्यु माह’ बनाने का प्रस्ताव दिया है। इसके साथ ही एक से 31 जनवरी तक विशेष राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह भी चलेगा।
जिले में बीते एक जनवरी से 30 नवंबर तक हुए 590 सड़क हादसों में 278 लोगों की जान गई है। इन हादसाें में 283 लोग गंभीर घायल व 102 मामूली चोटिल हुए हैं। अब हादसे रोकने के लिए टीईएएम (ट्रैकिंग, इवैल्यूएशन, एक्शन व मॉनिटरिंग) मॉडल लागू किया जाएगा। इसके तहत जिला प्रशासन, स्थानीय निकायों, पुलिस, ग्राम पंचायतों व स्वयंसेवी संगठनों को अभियान में साझेदार बनाया जाएगा। गंभीर दुर्घटनाओं में जीवन बचाने के लिए प्रशासन सड़क किनारे महत्वपूर्ण स्थानों पर एंबुलेंस तैनात करेगा, ताकि ‘गोल्डन आवर’ में ही घायलों को प्राथमिक इलाज मिल सके।
टीईएएम मॉडल में होंगे ये कार्य
ट्रैकिंग : ब्लैकस्पॉट व जोखिमपूर्ण स्थानों की पहचान करना
इवैल्यूएशन : सड़क सुरक्षा व ट्रैफिक सिस्टम का मूल्यांकन किया जाएगा।
एक्शन : मिली खामियों के आधार पर जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
मॉनिटरिंग : अभियानों की सतत मॉनिटरिंग कराई जाएगी।
विभाग कर रहा हादसा रोकने की तैयारी
केंद्रीय परिवहन मंत्री ने जिले के सांसद को पत्र लिखा है। जिसके क्रम में जनवरी 2026 को ‘शून्य मृत्यु माह’ बनाने की तैयारी की जा रही है। जन समुदाय की भागीदारी से सड़क हादसों में कमी आ सकती है।
आरसी भारतीय, एआरटीओ