गोंडा। नई शिक्षा नीति से प्राइमरी स्कूलों में कार्यरत शिक्षामित्रों में सेवा का संकट बढ़ गया था। उनके बारे में नीति में स्पष्ट नहीं था कि वह कार्यरत कब तक रहेंगे। शासन ने 60 वर्ष की आयु तक सेवा में बने रहने का फैसला करके शिक्षामित्रों का संशय तो दूर कर दिया, लेकिन उनकी उम्मीदें भी बढ़ गईं हैं।
साल 2017 में समायोजन रद्द होने से शिक्षामित्र भाजपा सरकार के विरोध में खड़े हो गए थे।वर्षों बाद शासन ने शिक्षामित्रों को लेकर नरमी दिखाई और सेवा पर मंडरा रहे संकट को सेवा की आयु तय करके दूर कर दिया। शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष अवधेशमणि मिश्र कहते हैं कि अब शासन से काफी उम्मीदें हैं, नियमतीकरण के साथ ही अन्य मांगों पर विचार की उम्मीद जगी है।
सेवा की आयु 65 हो और मानदेय के बराबर मिले महंगाई भत्ता - सरकार के फैसले से शिक्षामित्र खुश हैं, लेकिन वह कहते हैं कि शिक्षामित्रों के कार्य को देखते हुए सुविधा दी जाए। शिक्षामित्र बैजनाथ तिवारी कहते हैं कि सेवा की आयु 65 वर्ष की जाए।
तिलकराम वर्मा ने कहा कि मानदेय न बढ़ाएं तो महंगाई भत्ता ही मानदेय के बराबर तय की जाए। शांति सिंह कहती हैं कि शिक्षामित्रों को स्थारी किया जाए। सरोज कुमारी ने कहा कि अन्य समस्याएं भी दूर की जाएं।
20 को लखनऊ जाएंगे शिक्षामित्र, रखेंगे अपनी बात - उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के पदाधिकारियों ने गांधी पार्क गोंडा में बैठक कर 20 को लखनऊ जाने की रणनीति तैयार की। जिलाध्यक्ष अवधेश मणि मिश्र ने कहा कि महाधिवेशन में शिक्षामित्र अपनी मांगों को केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर के समक्ष रखेंगे। जिला मंत्री अभिमन्यु प्रसाद मिश्रा ने तैयारी की जानकारी दी। जिला प्रचार मंत्री के पद पर कृष्ण कुमार पांडे का मनोनयन किया।
बैठक में बभनजोत से मनोज कुमार, छपिया से वशिष्ठ कुमार पांडे, मनकापुर से महेंद्र विक्रम कुशवाहा, नवाबगंज से घनश्याम त्रिपाठी, वजीरगंज से राजकुमार, तरबगंज से दीप चंद्र मिश्र, बेलसर से राघवेंद्र प्रताप सिंह, परसपुर से महेंद्र प्रताप सिंह, कर्नलगंज से मनुवा त्रिपाठी, कटरा बाजार से श्रवण कुमार शुक्ल, रुपईडीह से तिलकराम वर्मा, इटियाथोक से नकछेद सोनकर, पंडरी कृपाल से हनुमंत तिवारी, मुजेहना से अशोक त्रिपाठी, झंझरी से अभिमन्यु प्रसाद मिश्र, नगर क्षेत्र से फिरोज अहमद, हलधर मऊ से राजकुमार शुक्ल को ब्लाकों से शिक्षामित्रों को ले जाने की जिम्मेदारी दी है।