गोंडा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने शिक्षकों की समस्याओं को लेकर बुधवार को डीआईओएस कार्यालय पर धरना दिया। इसके बाद समस्याओं को लेकर डीआईओएस डॉ. रामचंद्र को ज्ञापन सौंपा।
जिलाध्यक्ष राधा मोहन पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित धरने में पुरानी पेंशन की बहाली का मुद्दा गूंजा। जिला मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह ने समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। मंडलीय अध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन की बहाली होने तक शिक्षकों का आंदोलन चलेगा। उपाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, प्रधानाचार्य अजय कुमार श्रीवास्तव, जिला संरक्षक बृजेश द्विवेदी, बंशीधर तिवारी, पद्म नाथ पांडेय, प्रधानाचार्य परिषद के जिलाध्यक्ष धर्मवीर सिंह, जिला मंत्री सहदेव सिंह,शिवेन्द्र सहित अन्य ने विचार व्यक्त किया।
इधर, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जनपदीय अध्यक्ष/ मांडलिक मंत्री आनंद कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में शिक्षकों ने बीएसए अतुल तिवारी से मुलाकात की। बीएसए से अन्य जनपदों की भांति प्रभारी प्रधानाध्यापक को पूर्णकालिक प्रधानाध्यापक के समान वेतन भुगतान का आदेश जारी करने, चयन वेतनमान की समस्या का समाधान कराने सहित अन्य समस्याओं के निराकरण की मांग की गई। जिला मंत्री विजय नारायन पांडेय, जिला उपाध्यक्ष इंद्र प्रताप सिंह, जनपदीय संगठन मंत्री अफसर हसन, मनमोहन श्रीवास्तव, जगत नारायन, इरशाद खान, शिव प्रकाश पांडेय, शैलेंद्र वर्मा, तेज बहादुर सिंह सहित कई शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की शिक्षक पद पर करें पदोन्नति
गोंडा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षणेत्तर संघ देवीपाटन की ओर से मंगलवार को मुख्यमंत्री व अपर मुख्य सचिव को संबोधित 11 सूत्री ज्ञापन डीआईओएस व संयुक्त शिक्षा निदेशक को सौंपा गया। इसमें शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की शिक्षक पद पर पदोन्नति की मांग की गई। मंडल अध्यक्ष संतोष कुमार शुक्ला, मंत्री किशन कुमार शर्मा के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में राजकीय कर्मचारियों के समान अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के कर्मचारियों को 300 दिन के उपार्जित अवकाश का नकदीकरण सेवानिवृत्ति पर दिए जाने, विद्यालय प्रबंध समिति में शिक्षकों की तरह शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को प्रतिनिधित्व दिए जाने, शिक्षकों की तरह कर्मचारियों को भी राष्ट्रपति व राज्य पुरस्कार दिए जाने की मांग की गई। इसके साथ ही वेतन विसंगति समाप्त करने, पुरानी पेंशन योजना लागू किए जाने, अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में लिपिक एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति किए जाने की मांग की गई।