गोंडा। बोर्ड परीक्षा में नकल कराने वाले स्कूलों के शिक्षकों को ड्यूटी से बाहर रखा जाएगा। केंद्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक और अन्य ड्यूटी से संबंधित शिक्षक व कर्मचारियों का डेटा ऑनलाइन करने पर जोर दिया गया है। नकल के मामले में हुई कार्रवाई वाले विद्यालयों के शिक्षकों का डेटा भी ऑनलाइन होगा।
बोर्ड परीक्षा में कक्ष निरीक्षकों की ऑनलाइन ड्यूटी लगाई जाएगी। ऐसे में अध्यापकों की तैनाती जिस कक्षा (हाईस्कूल व इंटरमीडिएट) के लिए की गई है, उस कक्षा विषय के लिए निर्धारित विषय कोड के अनुरूप वेबसाइट पर अपडेट होगा। अध्यापक विद्यालय छोड़ चुके हैं या दिवंगत हो गए हैं, उनके नाम पोर्टल से हटाए जाने का निर्देश दिया गया है। अध्यापक का विवरण किसी भी दशा में दो विद्यालयों में अपलोड नहीं होना चाहिए।
प्रधानाचार्य के खिलाफ होगी कार्रवाई
प्रधानाचार्य अपने विद्यालय में कार्यरत अध्यापकों का डेटा फाइनल करने से पहले सुनिश्चित करेंगे कि उनके वे किसी अन्य विद्यालय में पंजीकृत तो नहीं है। लापरवाही मिलने पर संबंधित प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसी डेटा के आधार पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा-2023 में ड्यूटी लगाई जाएगी। इससे पूर्व परीक्षा केंद्रों की जिओ लोकेशन, परीक्षार्थियों का शैक्षिक डेटा परिषद के पोर्टल पर अपडेट कराया जा चुका है।
485 स्कूलों का तैयार होगा ऑनलाइन डेटा
- बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक और मूल्यांकन के लिए परीक्षकों की ऑनलाइन नियुक्ति हेतु बोर्ड से जुड़े 485 स्कूलों के प्रधानाचार्यों व शिक्षकों की सूचनाएं मांगी गईं हैं। शिक्षकों के स्नातक-परास्नातक विषयों के विवरण के साथ पहली बार उनके शैक्षिक प्रमाणपत्रों को अपलोड करने को कहा गया है। 10 दिसंबर तक बोर्ड के पोर्टल पर डेटा अपलोड होगा। डीआईओएस 20 दिसंबर तक सत्यापित कर बोर्ड को फॉरवर्ड करेंगे।
डेटा का होगा सत्यापन
स्कूलों के शिक्षकों का ब्यौरा ऑनलाइन करने का निर्देश दिया गया है। 10 दिसंबर तक प्रधानाचार्य ब्यौरा दर्ज करेंगे। इसके बाद डेटा का सत्यापन होगा। राकेश कुमार डीआईओएस