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स्वामी जी के आदर्शों से लें प्रेरणा

Tue, 12 Jan 2016 11:10 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
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स्वामी विवेकानंद संस्कारयुक्त सशक्त भारत का निर्माण करना चाहते थे। उनका मानना था कि देश का युवा संस्कारयुक्त व स्वावलंबी बने, तभी समाज, देश व विश्व का कल्याण होगा। यह बातें रघुकुल महिला विद्यापीठ में चल रहे युवा महोत्सव के समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभाग प्रचारक दीपक ने कहीं।  
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उन्होंने कहा कि नैतिक मूल्यों के पतन के इस युग में राष्ट्र के पुनर्निर्माण के लिए युवाओं को आगे आना होगा।

प्रतीक भूषण शरण सिंह ने कहा कि युग दृष्टा स्वामी विवेकानंद का आचार विचार, दर्शन, कृतित्व एवं व्यक्तित्व हम सबके लिए अनुकरणीय है। उनके आदर्शों से सभी लोगों को प्रेरणा लेनी चाहिए।

समारोह में मौजूद किसान डिग्री कॉलेज बहराइच के प्रवक्ता डॉ. शिवम श्रीवास्तव ने स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन की तार्किक विवेचना करते हुए कहा कि उन्होंने नर सेवा नारायण सेवा की परिकल्पना की थी तथा अंतिम पायदान पर खडे़ व्यक्ति के उत्थान के लिए उनके हृदय में एक टीस थी।
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विवेकानंद के शब्द उठो जागों और लक्ष्य प्राप्त होने तक मत रुको को साकार करने के लिए जुट जाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। समापन समारोह में छात्राओं ने सरस्वती वंदना व स्वागत गीत, नृत्य, गीत, गजल व लोकनृत्य सहित अन्य कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

समारोह के अंत में महाविद्यालय के निदेशक महेंद्र सिंह ने अतिथियों का आभार जताते हुए कहा कि महाविद्यालय संस्थापक सांसद बृजभूषण शरण सिंह संस्कार युक्त व गुणवत्ता परख शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। युवा महोत्सव उसी दिशा में एक सकारात्मक पहल है।

तीन दिनों तक चले महोत्सव में हुईं विभिन्न प्रतियोगिता के विजेता छात्राओं व उनकी टीम को मेडल व शील्ड देकर पुरस्कृत किया गया।

इस मौके पर प्राचार्य नवनीत कुंवर श्रीवास्तव, प्रवक्ता डॉ. आईडी सिंह, संगीत शिक्षक  मुकेश सिंह, प्रवक्ता डॉ. केबी लाल श्रीवास्तव, सत्येंद्र सिंह, हरिनाथ सिंह, पंकज त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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