गोंडा। हिट एंड रन मामले में सख्त कानून के विरोध में ट्रांसपोर्टरों की देशव्यापी हड़ताल मंगलवार रात इसे तत्काल नहीं लागू करने के सरकार के आश्वासन के बाद खत्म हो गई।
इसीके साथ दो दिन के बाद जिले में बुधवार को व्यवस्था पटरी पर आ गई। हालांकि, आम दिनों के मुकाबले दो से ढाई गुना अधिक डीजल-पेट्रोल की खरीददारी हुई है।
इसके बाद दोपहर एक बजे तक पहले की तरह अधिकारियों ने रोडवेज की 46 बसें रवाना कराईं। देर रात तक कई पंपों पर एकाएक बढ़ी मांग से डीजल व पेट्रोल की आपूर्ति ठप हो गई। डीएम समेत अफसरों को अफवाहों से बचने के लिए अपील करनी पड़ी।
जिले में इंडियन आयल, भारत और हिंदुस्तान पेट्रोलियम डिपो से 110 पंपों पर डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति हो रही है। एक दिन में दो से ढ़ाई गुना अधिक डीजल पेट्रोल की बिक्री हुई है।
इंडियन ऑयल सेल्स ऑफिसर अनुपम उपाध्याय ने बताया कि जिले भर में उनकी इंडियन के कुल 93 पंप हैं। रोजाना औसतन 75 किलोलीटर पेट्रोल की बिक्री हो रही थी।
मगर मंगलवार को 175 किलोलीटर पेट्रोल तो 100 के मुकाबले 250 किलोलीटर डीजल की बिक्री हुई। वहीं देररात तक पंपों पर दो व चारपहिया चालक वाहनों के टंकी फुल कराने की जिद्द पर अड़े रहे।
मसकनवा व शहर समेत अलग-अलग स्थानों पर पंप कर्मियों से नोंक-झोंक के बाद पुलिस ने पंपों पर कमान संभाल ली। एएसपी राधेश्याम राय इंडियन ऑयल डिपो पहुंच गए।
इसके बाद अपने सामने एक-एक टैंकर रवाना कराया। इधर, कई पंपों पर भारी मांग के चलते पेट्रोल व डीजल का बिक्री का स्टॉक पूरा होने के बाद बंद करना पड़ा। वहीं पुलिस की मदद से चालकों को समझा-बुझाकर पेट्रोल व डीजल देना पड़ा।
डीएम नेहा शर्मा समेत अफसरों ने अपने-अपने स्तर से अफवाहों से बचने अपील की है। जिला पूर्ति अधिकारी कृष्ण गोपाल पांडेय, एसडीएम समेत अलग-अलग क्षेत्रों में देररात तक अफसर व्यवस्था पटरी पर लाने के लिए दौरा करते रहे।
एक बजे तक निकलवाई सभी 46 बसें, 22 लाख का लगा चूना
परिवहन निगम सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक कपिल देव ने बताया कि गोंडा रोडवेज से रोजाना 102 बसें संचालित हो रही हैं। आमदिनों की तरह बुधवार दोपहर एक बजे तक 46 बसों को रवाना किया गया। दो दिनों तक संचालन ठप होने से 22 लाख का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, देर रात रोडवेज बस संचालन ठप रहा। मचे हाहाकार के बीच यात्री घरों से कम निकले। इतना ही नहीं, बैटरी रिक्शा समेत अन्य साधनों से किसी तरह से गंत्वय पर पहुंचने को मजबूर रहे।
पांच-पांच लीटर डीजल-पेट्रोल देकर संभाली सि्थति
अफवाह फैलने के बाद पेट्रोल पंपों पर एकाएक पहुंची भीड़ नियंत्रण के लिए पांच-पांच लीटर डीजल व पेट्रोल देकर सि्थति संभाली गई। जिला पूर्ति अधिकारी कृष्णगोपाल पांडेय ने बताया कि देररात भीड़ के चलते कई पंपों पर स्टॉक सीमित हो गया। इसके बाद रात में डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति बहाल करा दी गई। पेट्रोलियम को लेकर कहीं कोई दिक्कत नहीं है। वहीं देररात अधिकारिक तौर पर मामले पर स्पष्टीकरण आने के बाद आमजनों ने राहत की सांस ली है। पंपों की व्यवस्था पटरी पर आ गई है।