गोंडा। जिला महिला अस्पताल के साथ ही सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सोमवार को सुरक्षित मातृत्व दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान गर्भवतियों की प्रसव पूर्व देखभाल (एएनसी) से जुड़ी जांच की गई। परीक्षण के दौरान 135 महिलाओं में उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) की पहचान कर डॉक्टरों की निगरानी में विशेष सतर्कता बरतने का सुझाव दिया गया।
महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. रक्षारानी चतुर्वेदी ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्रों पर आईं गर्भवतियों की चिकित्सकों ने प्रसव पूर्व से जुड़ी यूरिन, ब्लड प्रेशर, मधुमेह, हीमोग्लोबिन व पेट से जुड़ी अन्य जरूरी जांच कराई। कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने, गर्भवती की बेहतर स्वास्थ्य देखभाल, प्रसव पूर्व जांच एवं उन्हें समय पर उचित इलाज मुहैया कराने के लिए सुरक्षित मातृत्च दिवस आयोजन किया गया है।