कोतवाली करनैलगंज के एक दीवान को गैर हाजिर होने के कारण पुलिस अधीक्षक ने सस्पेंड कर दिया। सोमवार की रात उसे जब सस्पेंशन आर्डर थमाया गया तो उसे हार्ट अटैक पड़ गया। दीवान को सीएचसी ले जाया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल परिवारीजन उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज ले गए हैं।
गोरखपुर से तबादले पर आए दीवान मुख्य आरक्षी बृजेश त्रिपाठी को कोतवाली करनैलगंज में तैनाती दी गई थी। इससे पहले वह गोरखपुर की कोतवाली बड़हलगंज में तैनात था।
वहां के मालखाने का चार्ज भी दीवान त्रिपाठी के पास था। जिस समय उक्त दीवान का तबादला यहां किया गया, उस समय दीवान बीमार चल रहा था और वह इलाज करा रहा था। इसलिए उसने कोतवाली करनैलगंज के मालखाने का चार्ज लेने में असमर्थता जताते हुए बीमारी का हवाला देकर तत्कालीन कोतवाल से अग्रसारित करा कर उच्चाधिकारियों को दिया।
मगर तबादले के बाद भी कोतवाली बड़हलगंज के मालखाने का चार्ज होने के कारण उसे पुन: बडहलगंज जाकर मालखाने का चार्ज दूसरे पुलिस कर्मी को देने के निर्देश दिए गए थे।
बीमारी के कारण दीवान त्रिपाठी बीती 29 दिसंबर से गैर हाजिर रहा। इस बीच गैर हाजिर होने के कारण पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार यादव ने उसे सस्पेंड कर दिया।
सोमवार को दीवान करनैलगंज पहुंचा था। देर शाम सस्पेंशन आर्डर जब कोतवाली करनैलगंज पहुंचा और पुलिस कर्मियों ने दीवान को आर्डर थमाया तो वह सदमा बर्दास्त न कर सका और जमीन पर गिर गया। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करनैलगंज लाया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
यहां चिकित्सकों ने बताया कि दीवान को हार्ट अटैक पड़ा था। सीओ शबीहुल हम्द का कहना है कि दीवान काफ ी दिनों से गैर हाजिर था, इसलिए उसे सस्पेंड किया गया है।