गोंडा। इटियाथोक के समदामाफी रानीपुर गांव स्थित गौ आश्रय केंद्र में मृत पाए गए मवेशियों को ट्रैक्टर से बांधकर खींचने की खबर के बाद पूरे जिले में जांच हुई जिसमें तीन सचिवों की लापरवाही सामने आई। तीनों को निलंबित कर दिया गया है।
15 मई को समदामाफी रानीपुर गांव के गो आश्रय केंद्र पर अव्यवस्थाओं के चलते मवेशियों की मृत्यु हो गई थी। इस केंद्र पर तैनात कर्मचारियों ने मृत मवेशियों को हटाने के लिए ट्रैक्टर का सहारा लिया। मृत मवेशी को ट्रैक्टर में रस्सी से बांधकर घसीटते वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो के आधार पर ‘अमर उजाला’ ने 16 मई के संस्करण में मृत मवेशियों को ट्रैक्टर से घसीटते का वीडियो वायरल शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर सीडीओ एम. अरुन्मोली ने पूरे जिले में जांच कराई। इटियाथोक में खंड विकास अधिकारी रवि कुुमार गुप्ता ने ग्राम प्रधान व सचिव शमीम खान को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। मगर वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। खंड विकास अधिकारी ने बताया कि सचिव शमीम खान को निलंबित करने की संस्तुति की गई है। उन्हें निलंबित किया गया है। साथ ही रुपईडीह में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी अजीत गुप्त की लापरवाही उनके ब्लाॅक में मिली। उनको भी निलंबित किया गया है।
इसी प्रकार विकासखंड करनैलगंज की ग्राम पंचायत गुरवलिया के गो आश्रय केंद्र में पशुओं की संख्या अभिलेखों के मुताबिक न मिलने, मवेशियों के बीमार होने, चारा तथा पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था न होने की कमी मिली। जिस पर वहां के ग्राम विकास अधिकारी राहुल चंद्रा को निलंबित किया गया है। जिला विकास अधिकारी दिनकर कुमार विद्यार्थी व जिला पंचायत राज अधिकारी लालजी दुबे ने सचिवों के निलंबन की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को आदेश निर्गत हो जाएंगे।
-