विश्नोहरपुर (गोंडा)। बारिश से सरयू नदी उफान पर है। इससे ढेमवा घाट मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। वहीं, नवाबगंज की आठ से अधिक ग्राम पंचायतों में संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। तरबगंज के साथ ही करनैलगंज के गांवों में बाढ़ का संकट गहरा गया है। एडीएम चंद्रशेखर ने दोनों तहसीलों के एसडीएम को सतर्क किया है। उन्होंने सरयू की नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं। नदी के बढ़े जलस्तर से ढेमवा मार्ग सरयू की जद में आ चुका है। इसके चलते शुक्रवार शाम से ही लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है। लोग स्टीमर या नाव से ही नदी पार कर रहे हैं। पक्के पुल के करीब 300 मीटर दूर तक ही लोग अपने वाहनों से पहुंच रहे हैं। दत्तनगर, साकीपुर, जैतपुर माझा, गोकुला, तुलसीपुर माझा, दुर्गागंज, माझाराठ, ब्यौंदा माझा, उपरहर, बनगांव आदि गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित है। इन गांवों के किसान अपनी उपज को लेकर अयोध्या की मंडी तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। इस मार्ग के पूर्णतया बंद होने पर वाया नवाबगंज कटरा अयोध्या तक 30 किमी. अधिक चक्कर काटना पड़ता है। लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी नालों के पानी से सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। दो दिन में करीब एक मीटर जलस्तर बढ़ा है। नदी की धारा इस वर्ष दक्षिण दिशा में घूमने से बाढ़ से प्रभावित होने वाले ग्राम नकहरा, काशीपुर, बहुवन मदार माझा आदि गांवाें को इस बार राहत मिलने के आसार हैं। सरयू का रुख सीधे चंदापुर किटोली, माझा रायपुर और बांसगांव की तरफ होता दिखाई दे रहा है। जलस्तर में आगामी दिनों में तेजी से वृद्धि होने के आसार नजर आ रहे हैं। ग्राम नकहरा के सामने से सरयू की धारा दक्षिण तरफ मुड़ी है। आने वाले समय में यदि जलस्तर में बढ़ोतरी अधिक हुई तो जिले के करीब आधा दर्जन गांव प्रभावित होंगे। हालांकि बांध पर लगातार निगरानी हो रही है। बांध पर तैनात अवर अभियंता रवि वर्मा का कहना है कि बांध पूरी तरह सुरक्षित है। नकहरा गांव से नदी की धारा करीब एक किलोमीटर दूर हो चुकी है। नदी की धारा मुड़ने वाले स्थान नकहरा गांव का एडीएम चंद्रशेखर ने शुक्रवार को निरीक्षण किया। उनके साथ एसडीएम भारत भार्गव, तहसीलदार मनीष कुमार, बाढ़ खंड के एक्सईन जय सिंह, सहायक अभियंता अमरेश सिंह मौजूद रहे।