हफ्तेे भर पहले डेहरास इलाके में आई तेज आंधी के जख्म अभी पूरी तरह से भरे भी नहीं थे कि मंगलवार शाम एक बार फिर से आई आंधी-पानी ने लोगों के सामने फिर से अंधेरे के हालात खड़े कर दिए।
आंधी-पानी से जहां मंगलवार की पूरी रात जिले की 34 में से 32 लाख आबादी को बिजली नहीं मिल पाई तो वहीं आंधी आने के 24 घंटे बाद भी जिले की आधी आबादी अंधेरे में है। बताया जाता है कि आंधी-पानी में तीन सौ से ऊपर बिजली के खंभों के टूट जाने के कारण जिले की आधी आबादी के सामने अघोषित बिजली का संकट खड़ा हो गया है। जिसकी बहाली में अधिकतम सात दिन का समय पावर कॉर्पोरेशन अधिकारियों को लग सकता है।
अंधेरे में आर्यनगर व करनैलगंज के दो बिजलीघर
मंगलवार शाम आए चक्रवात से जहां बालपुर में 33 केवी लाइन के तीन डबल पोल टूट जाने से कटरा व बालपुुर बिजलीघरों की सप्लाई अनिश्चितकालीन समय के लिए गुल हो गई है तो वहीं आर्यनगर बिजलीघर का भी एक डबल पोल टूट गया है। 33 केवी लाइनों के 4 अलग-अलग जगहों पर डबल पोल टूटने से तीन बिजलीघरों की सप्लाई फिलहाल पूरी तरह से गुल चल रही है। जिसकी बहाली के प्रयास में पावर कॉर्पोरेशन अमला लगा हुआ है।
चक्रवात से जिले में बिजली व्यवस्था को हुए नुकसान पर एक नजर-
नाम संख्या क्षतिग्रस्त प्रभावित आपूर्ति बहाली
उपखंड बिजलीघर खंभे/नुकसान आबादी में लगने वाला समय
करैलगंज 6 120/12 लाख 6 लाख 4-5 दिन
तरबगंज 6 100/10 लाख 3 लाख 4-5 दिन
गोंडा शहर 4 20/2 लाख 1 लाख 6-8 घंटे
मनकापुर 3 20/2 लाख 2 लाख 3 दिन
गोंडा ग्रामीण 4 60/6 लाख 4 लाख 5-7 दिन
कुल योग 23 320/32 लाख 16 लाख
नोट : इसमें से मंगलवार रात आए चक्रवात से समूचे जिले (शहर के कुछेक हिस्सों को छोड़) कर बिजली पूरी रात गुल रही।
बिजली बहाली के लिए पूरी-रात, पूरे दिन चला अभियान
इसे बिजलीकर्मियों की मेहनत कहें या फिर पावर कारपोरेशन अधिकारियों की मुस्तैदी, जिसके बूते आधे जिले की बिजली पावर कारपोरेशन ने आंधी आने के 24 घंटों के भीतर बहाल कर दी। यह पहली बार है, जब मुख्य अभियंता हर्ष मुंशी से लेकर उनकी पूरी टीम रात भर बिजली के फाल्ट ठीक करने के लिए कंट्रोल रूम से लेकर बिजलीघरों का चक्कर काटती रही और रात करीब साढ़े 11 बजे शहर के कई हिस्सों की बंद पड़ी बिजली बहाल भी कर दी। वहीं बुधवार को अलग-अलग कई टीमें बनाकर शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में बिजली के फाल्ट युद्धस्तर पर ठीक किए गए।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
हरेक बिजलीघर के अभियंता को अपने-अपने इलाकों में टूटे बिजली के खंभे व तार व इस्टीमेट बनाकर दिए जाने के लिए कहा गया है। जैसे-जैसे इस्टीमेट उनके पास आते जाएंगे, वह उसे शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर पास करवाएंगे। आधे से ज्यादा गोंडा शहर की बिजली बहाल कर दी गई है, जबकि बचे लोगों की बिजली भी 6-8 घंटों के भीतर बहाल हो जाएगी।
-राधेश्याम भाष्कर, एक्सईएन, हैडिल प्रथम
नवाबगंज, बेलसर, डुमरियाडीह व खोरहंसा में चक्रवात के साथ आंधी-पानी से बिजली की लाइन को काफी नुकसान हुआ है। प्राथमिकता के आधार पर जो 9 बिजलीघर उनके क्षेत्र में आते हैं, उन सभी की बिजली चालू करवा दी गई है। 11 केवी और एलटी लाइन के खंभे टूटे होने के कारण ग्रामीण इलाकों की बिजली बंद चल रही है। जिसे भी जल्द से जल्द बहाल करवा दिया जाएगा। -तीरथराम श्रीवास्तव, एक्सईएन हैडिल द्वितीय
मंगलवार शाम चक्रवात आने के बाद उनकी पूरी टीम ने काफी मेहनत की। आंधी-पानी से क्षतिग्रस्त हुई बिजली की लाइन शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इस्टीमेट उनके पास आने पर तत्काल इसे पास कर खंभे, तार व अन्य बिजली उपकरण समय से अभियंताओं को मुहैया कराए जाएंगे। ताकि बंद पड़े इलाकों की बिजली जल्दी से जल्दी बहाल हो। -हर्ष मुंशी, मुख्य अभियंता, देवीपाटन क्षेत्र