फर्जी दस्तावेज तैयार कर किसानों के नाम पर लोन लेकर रुपयों को दूसरे बैंकों के खाते में ट्रांसफर करने के मामले में बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल कुंदरखी के यूनिट हेड समेत छह लोग फंस गए हैं। यूनिट हेड समेत छह लोगों के खिलाफ अदालत ने शनिवार को थानाध्यक्ष तरबगंज को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
तरबगंज थाना क्षेत्र के रानीपुर गांव के रहने वाले प्रेम नारायन ने अदालत में बजाज चीनी मिल कुंदरखी के यूनिट हेड समेत छह लोगों के खिलाफ प्रार्थना पत्र देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की फरियाद की थी।
अदालत में दिए गए प्रार्थना पत्र में प्रेम नारायन ने आरोप लगाया कि बजाज चीनी मिल कुंदरखी के यूनिट हेड आलोक श्रीवास्तव, उप प्रबंधक गन्ना सुरेंद्र बहादुर सिंह, मुख्य वित्तीय अधिकारी वेद प्रकाश अग्रवाल, प्रबंधक गन्ना ज्ञानी इंद्रदेव पांडेय उससे मिले और गन्ने का बकाया मूल्य भुगतान कराने के लिए उससे (प्रेम नारायन) उसकी पत्नी और पिता की फोटो, परिचय पत्र व खतौनी की छाया प्रति लेकर उससे, उसके पिता व पत्नी से कागजात पर हस्ताक्षर करवा लिए।
प्रेम नारायन का आरोप है कि चीनी मिल के अधिकारियों ने आईडीबीआई बैंक के प्रबंधक प्रवीन बत्रा एवं फील्ड ऑफीसर अजय पांडेय से मिलकर कूटरचित व फर्जी कागजात तैयार करके उसके, उसकी पत्नी और पिता समेत कई किसानों के नाम से लोन लेकर सभी के बैंकों के खाते में रुपये ट्रांसफर कर दिए।
प्रेम नारायन के मुताबिक खाते में रुपये पहुंचने पर सभी किसानों को लगा कि गन्ना के बकाया मूल्य के रुपये हैं। मगर बैंक से जब वसूली का नोटिस पहुंचा, तब उन्हें जालसाजी की जानकारी हुई।
इस मामले में अदालत ने थानाध्यक्ष तरबगंज को बजाज चीनी मिल कुंदरखी के यूनिट हेड आलोक श्रीवास्तव, उप प्रबंधक गन्ना सुरेंद्र बहादुर सिंह, मुख्य वित्तीय अधिकारी वेद प्रकाश अग्रवाल, प्रबंधक गन्ना ज्ञानी इंद्रदेव पांडेय, आईडीबीआई बैंक के प्रबंधक प्रवीन बत्रा व फील्ड ऑफीसर अजय पांडेय के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।