गोंडा। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय बलरामपुर में नए शिक्षा सत्र से परंपरागत मानविकी, विज्ञान, वाणिज्य, विधि और कृषि संकायों के अलावा दर्शन, योग, सामाजिक समरसता, भारतीय ज्ञान परंपरा, हिंदू अध्ययन और थारू जनजाति पर आधारित विषयों की भी कक्षाएं चलेंगी।
कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने परामर्शदात्री व प्रवेश समिति की संयुक्त बैठक में यह बात कही। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की विशिष्ट जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यहां रोजगारपरक विषयों की शिक्षा दी जाएगी। अभी विश्वविद्यालय में 37 विषयों को मान्यता मिल चुकी है। जल्द ही कई रोजगारपरक तकनीकी और विज्ञान पर आधारित विषयों की भी पढ़ाई शुरू होगी।
कुलपति ने कहा कि हमारा प्रयास तराई अंचल में स्थित इस विश्वविद्यालय को जल्द ही देश के शीर्ष विश्वविद्यालयों के साथ प्रतिस्पर्धा में खड़ा करना है। उन्होंने नवगठित परामर्शदात्री समिति के सदस्यों से विश्वविद्यालय के ब्रांड एंबेसडर के रूप में काम करने की अपील की। बैठक में संचालित पाठ्यक्रमों और भावी योजनाओं की जानकारी दी गई।
बैठक में परामर्शदात्री समिति के संयोजक सर्वेश सिंह, मनीष मल्होत्रा, रामकृष्ण तिवारी, पंकज मिश्र, शिवकुमार पाठक, आशुतोष शुक्ल, सचिन कुमार सिंह आदि ने भी अपने सुझाव रखे। प्रवेश समिति के संयोजक प्रो. पीके सिंह ने सुझावों को उपयोगी बताते हुए प्राथमिकता के आधार पर लागू करने का आश्वासन दिया। कुलसचिव परमानंद सिंह ने सभी का आभार जताते हुए कहा कि सुझाव विकास की दिशा में मार्गदर्शक साबित होंगे।