तरबगंज थाना क्षेत्र के रामापुर गांव के मजरा पूरे दीनसिंह पुरवा निवासी मोहम्मद हुसैन ने शनिवार को अमर उजाला कार्यालय में अपनी पीड़ा सुनाते हुए बताया कि उसका बेटा मोहम्मद शफीक (22) बलरामपुर के एमएलके पीजी कॉलेज में बीएससी तृतीय वर्ष का छात्र है। वह बलरामपुर की सब्जी मंडी के पास किराए के मकान में रहकर पढ़ाई करता है।
मोहम्मद हुसैन के मुताबिक उसका बेटा 24 नवंबर को पढ़ाई में खर्च के लिए अपने घर से 40 हजार रुपये लेकर बलरामुपर गया था। इसके दूसरे दिन 25 नवंबर की रात आठ बजे मोहम्मद शफीक ने अपने बड़े भाई मोहम्मद शमी को मोबाइल फोन से कॉल किया। मोहम्मद हुसैन के मुताबिक शफीक ने अपने बड़े भाई से बताया कि नौकरी दिलाने का झांसा देकर कुछ लोगों ने उसका अपहरण कर लिया और उसे सीतापुर ले आए हैं।
यहां एक अंजान जगह पर उसे रखा गया है और उससे 40 हजार रुपये व मोबाइल फोन भी ले लिया है। मोहम्मद हुसैन के अनुसार शफीक ने अपने बड़े भाई को बताया कि अपहरणकर्ताओं ने उससे घर वालों को फोन करके 30 हजार रुपये मांगने को कहा है।
मोहम्मद हुसैन ने बताया कि 25 नवंबर की देर रात 2:30 बजे उनके मोबाइल पर कॉल आई। जब उन्होंने कॉल रिसीव की तो बेटे के चीखने की आवाज सुनाई पड़ी। हुसैन ने कोतवाली में अपहरणकर्ताओं के खिलाफ तहरीर दी है।थानाध्यक्ष कोतवाली नगर बलरामपुर मधुर मिश्र ने बताया कि तहरीर मिली है।