नगर के एक कॉलेज की छात्रा को आत्महत्या करने के लिए उकसाने के प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। नगर मजिस्ट्रेट अरुण कुमार शुक्ला को जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है।
14 अक्टूबर को छात्रा की मां ने नगर कोतवाली में प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पुत्री एक स्कूल में कक्षा 9 की छात्रा थी, का स्कूल के अध्यापक दीपक फर्नान्डो एवं आफताब अहमद द्वारा शोषण किया जा रहा था।
जब उसने यह बात विद्यालय की अध्यापिका रश्मि कपूर को बताई तो उसने उसे फेल करने की धमकी दी और जब छात्रा के पिता ने स्कूल के प्रिंसिपल से शिकायत की तो उन्हें उनकी पुत्री का नाम काट कर बाहर करने की धमकी दी गयी। इन्हीं कारणों से तंग आकर उनकी पुत्री ने आत्महत्या कर ली।
आत्महत्या के संबंध में लिखे गए सुसाइड नोट में मृतका ने स्कूल के प्रबंध तंत्र सहित अध्यापक दीपक, आफताब अहमद व रश्मि कपूर को अपनी मृत्यु के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
छात्रा की मां की तहरीर पर नगर कोतवाली में मुकदमा संबंधित के विरुद्ध पंजीकृत किया गया तथा आरोपी अध्यापक दीपक फर्नान्डो एवं आफताब अहमद की गिरफ्तारी कर जेल भेज दिया गया है। आवेदिका ने अपनी पुत्री की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु की मजिस्ट्रेटी जांच कराने का अनुरोध किया है।
इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जनहित में मामले की सत्यता उजागर करने के लिए पुलिस द्वारा की जा रही विवेचना के अतिरिक्त मजिस्ट्रेटी जांच के लिए नगर मजिस्ट्रेट अरुण कुमार शुक्ल को नामित किया है।
इसी प्रकरण में आरोपी अध्यापिका रश्मि कपूर के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने सीओ सिटी को आदेश दिए हैं कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर छापेमारी की जाए।