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बिना लाइसेंस के रेस्टोरेंट में हुक्का बार चलने से हड़कंप

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गोंडा के दुखहरननाथ मंदिर के समीप रेस्टोरेंट में हुक्का पीता किशोर। - फोटो : GONDA
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गोंडा। शहर में बिना लाइसेंस के कई रेस्टारेंट चल रहे हैं। इन रेस्टोरेंटों में मानक की अनदेखी हो रही है और प्रतिबंधित कार्य भी हो रहे हैं। ऐसे एक रेस्टोरेंट का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें हुक्का बार चल रहा है। कई युवा और नाबालिग बच्चे हुक्का पीते भी वीडियो में दिखे। वीडियो के सामने आने के बाद प्रशासन ने खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग की टीम भेज कर रेस्टोरेंटों की जांच कराई। दो रेस्टोरेंट पर टीम ने छापा डाला। छापे में तो हुक्का नहीं मिला लेकिन एक रेस्टोरेंट बिना लाइसेंस के चलते मिला। जांच टीम का कहना है कि हुक्का बार होने के बारे में शिकायत तो मिली थी लेकिन मौके पर कोई हुक्का नहीं मिला। बिना लाइसेंस के रेस्टोरेंट संचालित होने पर उसे बंद करा दिया गया है। इसके अलावा दोनो रेस्टोरेंट से सामग्री के नमूने लिए गए हैं। मामले की जांच की जा रही है।
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शहर के स्टेशन रोड़ पर दुखहरणनाथ मंदिर के आगे एक शॉपिंग काम्पलेंक्स में रेस्टोरेंट चल रहा था। बुधवार की देर शाम को एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें बच्चे और युवा हुक्का पी रहे थे। हुक्का पीकर धुंआ उड़ाते नजर आए। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया। एक टीम ने रेस्टोरेंट में पहुंचकर जांच की तो मौके पर हुक्का नहीं मिला। बताया जा रहा है कि वीडियो वायरल होने की जानकारी संचालकों को भी मिल गई थी। इससे हुक्का हटा दिए गए, टीम मौके पर पहुंची तो रेस्टोरेंट बिना लाइसेंस के मिला। यही नहीं वहां पर गदंगी थी और कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन भी नहीं हो रहा था। छोटी-छोटी केबिन बनाए गए थे और रेस्टोरेंट के भीतर छोटे-छोटे कमरों में लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। इसे देखकर भी संदेह हुआ कि आखिर इस तरह का रेस्टोरेंट क्यों तैयार किया गया। सबसे अधिक खतरा कोविड का दिखा, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की गुंजाइश ही खत्म मिली। यहां से सामग्री के नमूने भी लिए गए हैं। इसके साथ ही रेस्टोरेंट को बंद करा दिया गया है और हिदायत दी गई है कि बिना जांच पूरी हुए रेस्टोरेंट नहीं खोलेंगे।
इसके अलावा सकुर्लर रोड पर भी एक रेस्टोरेंट की जांच की गई। वहां पर पिज्जा में मिलाए जाने वाले सामग्री के नमूने लिए गए हैं। खाद एवं औषधि विभाग के अभिहित अधिकारी विनय कुमार सहाय ने बताया कि टीम भेजकर जांच कराई गई है। रेस्टोरेंट की निगरानी बढ़ा दी गई है, संदिग्ध गतिविधि मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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रेस्टोरेंट है एक बहाना, अंदरखाने तो कुछ और है चलाना
शहर में आधा दर्जन से अधिक रेस्टोरेंट ऐसे हैं जो सिर्फ नाम के हैं। अंदरखाने में युवाओं को प्रभावित करने और पैसे कमाने की होड़ में नशे की लत बढ़ा रहे हैं। वायरल हुए वीडियो में साफ-साफ हुक्का का प्रयोग करते बच्चे दिख रहे हैं और कमरों के अंदर कमरों को सजाया गया है। केबिन बना कर बैठने का इंतजाम किया गया है, इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि ऐसी केबिन का क्या उद्देश्य है। लेकिन जांच करने वालों को मौके से हुक्का नहीं मिला तो जांच को गंभीरता से नहीं लिया। फिलहाल सिर्फ दो रेस्टोरेंट की ही जांच की गई है। जांच पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
बिना लाइसेंस के कैसे चलता रहा रेस्टोरेंट, क्यों फेरे रखी आंखें
शहर में बिना लाइसेंस के रेस्टारेंट चलता रहा और अधिकारियों को इसकी जानकारी तब हुई जब वीडियो वायरल हुआ। हुक्का बार की जांच करने गई टीम के सामने यह बात आई कि इसका लाइसेंस नहीं है। यह अलग बात है कि रेस्टोरेंट के मालिक का दावा था कि लाइसेंस के लिए उसने आवेदन कर रखा है। इसकी पुष्टि अधिकारी भी कर रहे हैं कि आवेदन लंबित है, इससे साफ है कि रेस्टोरेंट बिना लाइसेंस के अधिकारियों की जानकारी में चल रहा था। शिकायत मिली तो रेस्टोरेंट बंद कराया गया है। ऐसा तब है जब खाद्य बिक्री वाले स्थानों पर कड़ी नजर रखने के आदेश हैं।
दो रेस्टोरेंट की जांच कराई गई है, हुक्का तो कहीं नही मिला है। एक रेस्टोरेंट बिना लाइसेंस के चल रहा था, जिसे बंद कराया गया है। वहीं दोनो रेस्टोरेंट से नमूने लिए गए हैं। जांच की जा रही है। -विनय कुमार सहाय, अभिहित अधिकारी खाद्य एवं औषधि सुरक्षा
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