गोंडा। शत्रु संपत्ति मामले में नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी समेत पांच लोगों के बयान दर्ज होंगे। शत्रु संपत्ति के मुकदमे की विवेचना कर रहे उपनिरीक्षक ने बयान दर्ज कराने के लिए संबंधित लोगों को नोटिस भेजा है। कर निर्धारण रजिस्टर प्रमाणित करने वाले को विवेचक तलाश रहे हैं।
अभिलेखों में कूटरचना कर शहर के रकाबगंज स्थित शत्रु संपत्ति हड़पने के आरोप में गत 16 मार्च को सदर तहसील के सहायक रजिस्ट्रार कानूनगो गिरीश चंद्र सोनकर ने नगर पालिका अध्यक्ष उजमा राशिद के खिलाफ नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इससे पहले प्रशासन ने जून 2023 में ही इस शत्रु संपत्ति को सील कर दिया था। अभिलेखों में हेराफेरी कर शत्रु संपत्ति अपने नाम कराने के आरोप में पुलिस ने पांच अप्रैल 2024 को नगर पालिका अध्यक्ष उजमा राशिद को गिरफ्तार कर लिया था। मामले की तफ्तीश कर रहे चौकी प्रभारी पांडेय बाजार बृजेश गुप्ता ने नगर पालिका परिषद गोंडा के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार मिश्र, कर निर्धारण अधिकारी अशोक कुमार, तत्कालीन कर निर्धारण अधिकारी शशिकला, कर निरीक्षक प्रकाश नरायन व छेदीलाल सैनी को बयान देने के लिए नोटिस भेजा है। पालिका के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नोटिस पहुंचने से हड़कंप मचा है।
विवेचक बृजेश गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2001-2005, 2005-2011, 2011-2016 के बीच कर निर्धारण रजिस्टर को किन-किन अधिकारियों व कर्मचारियों ने प्रमाणित किया है। इसका भी रिकार्ड अधिशासी अधिकारी से मांगा गया है।
शत्रु संपत्ति के मामले में नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ दर्ज मुकदमे की तफ्तीश कर रहे विवेचक बृजेश गुप्ता नगर पालिका परिषद कार्यालय में कर निर्धारण रजिस्टर में शत्रु संपत्ति का रिकाॅर्ड तलाश रहे हैं, जबकि शत्रु संपत्ति का रिकाॅर्ड कलेक्ट्रेट कार्यालय में सुरक्षित है। इस पर पालिका में पूरे दिन चर्चा होती रही कि पालिका तो सर्वे के बाद हर पांच साल बाद सिर्फ कर निर्धारण करती है, सर्वे के समय भवन में मिलने रहने वाले भवन स्वामी व किरायेदार का नाम कर निर्धारण रजिस्टर में दर्ज किया जाता है।