सप्ताह में एक दिन एमडीएम के साथ हर बच्चेे को 200 एमएल दूध देने में जिले के शिक्षकों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। जिले में उपलब्धता न होने और कास्ट को लेकर शिक्षकों ने असमर्थता जताई है। सोमवार को सीएम के नाम संबोधित ज्ञापन शिक्षकों ने डीएम को सौंपा है। ज्ञापन में शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से अन्य समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग भी की है।
विशिष्ट बीटीसी शिक्षक एसोसिएशन के प्रदेश कोषाध्यक्ष दिलीप चौहान के नेतृत्व में सोमवार को जिलाध्यक्ष धर्मेंन्द्र शुक्ल, जिला महामंत्री सत्येन्द्र सिंह व कोषाध्यक्ष अजय प्रसाद गुप्त आदि ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा।
सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि जिले में न तो दुग्ध अवशीतन की इकाई है और न ही डेयरी उद्योग। जिले के दूधिया सप्ताह में एक दिन अधिक मात्रा में दूूध देने से इंकार कर रहे हैं। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में क्रमश: 3.86 रुपये और उच्च प्राथमिक स्कूलों में 5.78 रुपये दूध का मूल्य निर्धारित किया गया है जबकि बाजार में 200 एमएल दूध की कास्ट 8 रुपये आ रही है।
स्कूलों में बच्चों को एक साथ दूध देने के लिए बर्तन भी उपलब्ध नहीं हैं। इन्हीं समस्याओं के चलते बच्चों को दूध देना संभव नहीं हो सकेगा। डायट, बीआरसी व यूआरसी पर चले रहे प्रशिक्षु शिक्षकों के प्रशिक्षण में यूनीक ड्रेस कोड लागू करना उचित नहीं है क्योंकि प्रशिक्षण का समय शीघ्र ही पूरा होने वाला है।
प्रशिक्षु शिक्षकों को मानदेय का भुगतान भी अभी तक नहीं किया गया है। भीषण गर्मी में सुबह के बजाय दोपहर में प्रशिक्षण कराना भी अनुचित है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ज्ञान सागर व जिला मंत्री अवधेश श्रीवास्तव और पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने भी मांगों का समर्थन किया है।