गोंडा। गोंडा में बाढ़ से निपटने को लेकर जोर-शोर से तैयारी चल रही है। करनैलगंज में बाढ़ के प्रभाव वाले संभावित स्थानों में कील-कांटे दुरुस्त करने में बाढ़ नियंत्रण विभाग जुटा है। चार करोड़ रुपये की लागत से तटबंध की मरम्मत व स्परों का निर्माण कराया जा रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने पर पानी सीधे तटबंध से टकराता था। जिससे तटबंध कटने का खतरा रहता था। अब स्परों के निर्माण से सरयू की लहरें उसी से टकराएंगी, जिससे सीधे तौर पर तटबंध को नुकसान नहीं पहुंचेगा। इससे लोगों को बाढ़ की विभीषिका भी नहीं झेलनी पड़ेगी।
आगामी 20 जून से सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के आसार हैं। एक तरफ मानसून की बारिश होगी तो दूसरी तरफ पहाड़ी नालों के सैलाब से सरयू के जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। बाढ़ से निपटने के लिए करीब चार करोड़ रुपये से काम कराए जा रहे हैं। तीन स्परों का एकसाथ निर्माण कराया गया है। जिस पर करीब सवा दो करोड़ रुपये का खर्च आया है। बाकी बांध को बचाने के लिए मरम्मत व स्पर का निर्माण कार्य चल रहा है। बीते वर्ष 2023 में भी चार करोड़ सात लाख रुपये खर्च किए गए थे। इस वर्ष बढ़ी गर्मी से सरयू नदी का जलस्तर भी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। क्योंकि गर्मी के वजह से पहाड़ी क्षेत्रों पर बर्फ गलने का सिलसिला तेज हो गया है। पहाड़ी नालों से 20 जून के बाद पानी आना शुरू हो जाएगा। यदि इसी बीच मानसूनी बारिश भी शुरू हो गई तो बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं।
बाढ़ खंड गोंडा के अवर अभियंता रवि वर्मा ने बताया कि बांध पर दो प्रोजेक्ट चलाए जा रहे हैं। एक प्रोजेक्ट पर करीब सवा दो करोड़ रुपये से तीन स्पर का निर्माण पूरा हो चुका है। बाकी मरम्मत, स्पर और ठोकर का निर्माण कराया जा रहा है। बांध की मरम्मत, रैट होल व रेन कट्स भरने का काम भी तेजी से हो रहा है।