गोंडा। समाजवादी पार्टी ने सोमवार को जिले की चारो तहसीलों पर प्रदर्शन कर भाजपा सरकार पर हमला बोला। तरबगंज में पूर्व मंत्री विनोद कुमार पंडित सिंह ने कहा कि बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और गरीबी की जनक भाजपा सरकार है।
करनैलगंज तहसील में पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार जनता का हक छीन रही है और नौकरशाही को बढ़ावा दे रही है। युवा निराश हैं और जनता को कुछ सूझ नहीं रहा है। उनकी सुनने वाला कोई नही है।
सदर तहसील में सपा कार्यालय पर जिलाध्यक्ष पप्पू यादव के नेतृत्व में पूर्व विधायिका नंदिता शुक्ला, पूर्व प्रत्याशी सूरज सिंह, पूर्व प्रत्याशी राहुल शुक्ल ने हुंकार भरी। मनकापुर में पूर्व विधायक राम विशुन आजाद व राम प्रताप सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ। सभी ने उप जिलाधिकारियों को राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन मजिस्ट्रेट को दिए।
सदर में सपा नेताओं के साथ कार्यकर्ताओं ने गुरुनानक चौराहे पर प्रदर्शन किया और सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। सदर विस के प्रत्याशी रहे सूरज सिंह ने कहा कि सूरज सिंह ने कहा कि चारों ओर भ्रष्टाचार, अराजकता, घूसखोरी, लूट मची है। सरकार के जनहित विरोधी निर्णयों से जनता परेशान है।
सरकार का सरकारी नौकरी में पांच साल संविदा पर कार्य कराने का निर्णय गलत है। अब जनता ने परिवर्तन का मन बना लिया और पूर्व सीएम अखिलेश यादव पर विश्वास है। तरबगंज में पूर्व मंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह ने कहा कि गन्ना मूल्य भुगतान न होने, फसल का उचित मूल्य न मिलने और छुट्टा पशुओं से किसान त्रस्त है। विकास के नाम पर लूट हो रही है, कोरोना महामारी से लोगों को सुरक्षा देने के दावे फेल हैं।
गरीबों को मिलने वाली समाजवादी पेंशन बंद है और सड़कों के बारे में दावे खोखले हैं। जिलाध्यक्ष आनंद स्वरूप उर्फ पप्पू यादव ने प्रशासन पर जबरदस्ती करने का आरोप लगाया, कहा कि ज्ञापन सौंपने की अनुमति नहीं दी गयी, जबकि भाजपा के लोग प्रतिदिन मीटिंग, रैली का आयोजन कर रहे हैं।
जनता के साथ धोखा देने की पार हो गई हदें : योगेश
करनैलगंज, मनकापुर। प्रदेश सरकार के विरोध पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह ने तहसील पर प्रदर्शन किया और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सरकार को आरोपों से घेरा, कहा कि अराजकता बढ़ता जा रहा है। कोरोना से मौतें हो रहीं और स्वास्थ्य सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। महज भाषण बाजी व आंकडे़बाजी से लोगों को गुमराह किया जा रहा है। युवाओं को नौकरी मिल नहीं रहा है और जो हैं उनसे नौकरी छीनी जा रही है। बिजली उत्पादन बंद है और पुलिस उत्पीड़न की एजेंसी बन गई है। राज्य सरकार अपनी अपराध के खिलाफ कथित जीरो टॉलरेंस नीति को लागू नहीं कर सकी। अतिवृष्टि ओलावृष्टि बाढ़ से नष्ट फसलों के लिए किसानों को क्षतिपूर्ति दी जाए और गन्न किसानों का बकाया भुगतान ब्याज समेत मिले।
छात्रों की 5 महीने लॉकडाउन अवधि की फीस माफ की जाए एवं अन्य पाठ्यक्रमों में दलित छात्रों को निशुल्क प्रवेश की व्यवस्था लागू की जाए। पूर्व विधायक बैजनाथ दूबे व एमएलसी महफूज खां ने आवाज बुलंद की। शमीम अच्छन, फहीम अहमद, गणेश पांडेय, दीपक कुमार पाठक, कैलाश पांडेय, दिनेश यादव, बब्लू यादव, सुनील सिंह, राज कुमार सिंह, प्रवीण भट्ट, करन शर्मा, धूम सिंह, गिरिजा शंकर सिंह, जाहिद हुसैन, बेनी प्रसाद यादव, पप्पू सिंह आटा, सुंदर लाल यादव आदि रहे। मनकापुर में पूर्व सपा विधायक राम विशुन आजाद, पूर्व विधायक राम प्रताप सिंह, प्रांतीय नेता संजय विद्यार्थी ने सरकार की जनविरोधी नीतियों पर तेवर दिखाए और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। पूर्व प्रमुख बलराम यादव, जयसेन सिंह, विजय कुमार आजाद, अधिवक्ता चंद्र किशोर पाठक, मुन्नन मिश्रा, मोहम्मद शरीफ, अय्याज खान, यासीन खान, विजय बहादुर मौर्या, राज कुमार निषाद, घनश्याम सिंह, मयंकर सिंह, सिद्धार्थ सिंह आदि रहे।
भाकपा ने कलेक्ट्रेट में धरना देकर सौंपा ज्ञापन
गोंडा। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट में धरना देकर 14 सूत्री ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। किसान विरोधी काला कानून वापस लिए जाने, मजदूरों का शोषण बन्द किये जाने, नौजवानों को रोजगार दिलाये जाने की मांग किया। धरने की अध्यक्षता जिला सचिव मंडल सदस्य कामरेड खगेन्द्र जनवादी व संचालन कामरेड कृष्ण नारायण वर्मा ने किया। धरने को माकपा के जिला सचिव कामरेड राजीव कुमार, कामरेड कौशेलेन्द्र पांडेय, कामरेड रविन्द्र सिंह, आदि ने संबोधित किया। इस मौके पर धरने को समर्थन दे रहे डीवाईएफआई के जिलाध्यक्ष दुर्गा सिंह पटेल, आकाश जनवादी, अमित शुक्ला, सीमा देवी, राम बहोर, सदानंद गिरी, राजेश आदि रहे।