अंदरूनी कलह से जूझ रही प्रदेश सरकार की लड़ाई एक बार फिर सतह पर आ गई है। रविवार को लखनऊ में बदले घटनाक्रम ने पार्टी के कार्यकर्ताओं को स्तब्ध कर दिया है। इस बदले घटनाक्रम पर रविवार को प्रदेश के कृषि मंत्री ने भी चुप्पी साधे रखी और कुछ भी बोलने से कतराते रहे। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के कार्यालय पर भी पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा।
समाजवादी पार्टी के एमएलसी उदयवीर सिंह को पार्टी से बर्खास्त किए जाने के बाद रविवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कड़ा एक्शन लिया और प्रदेश के मंत्री शिवपाल सिंह यादव समेत छह मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया।
इसके साथ ही उन्होंने अमर सिंह से ताल्लुक रखने वाले पार्टी के मंत्री व विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री की इस कार्रवाई से प्रदेश की समाजवादी पार्टी में भूचाल आ गया। पार्टी के मंत्रियों व विधायकों को अपनी निष्ठा बचाए रखने के लिए माथापच्ची करनी पड़ रही है।
रविवार को इस बदले घटनाक्रम के बाद जिले के समाजवादी पार्टी के नेताओं की निगाहें पूरे दिन पल-पल बदल रहे हालात पर टिकी रहीं। प्रदेश के कृषि मंत्री व जिले की सदर सीट से विधायक विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह इस मामले पर पूरे दिन चुप्पी साधे रहे और बोलने से कतराते रहे।
वहीं हमेशा गुलजार रहने वाले जिले के समाजवादी पार्टी के कार्यालय पर भी रविवार को पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। इक्का-दुक्का कार्यकर्ता ही कार्यालय पर नजर आए, लेकिन वह भी मौके की नजाकत को समझकर वापस लौट गए।