हालांकि इस संबंध में पार्टी का कोई जिम्मेदार पदाधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। विदित हो कि समाजवादी पार्टी ने उतरौला ब्लॉक से निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख तवस्सुम आरा के पति अली असगर को प्रमुख पद का प्रत्याशी घोषित किया था। अली असगर सपा के पूर्व प्रदेश सचिव अली अकबर के भाई हैं।
पद के नामांकन होने में कुछ घंटे ही शेष बचे थे कि बुधवार को अचानक सपा पूर्व प्रदेश सचिव अली अकबर ने पत्रकार वार्ता कर यह घोषणा कर दी कि बीमारी के चलते उनके भाई अली असगर अब ब्लॉक प्रमुख पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे।
इस मौके पर तुलसीपुर विधायक मशहूद खां, उतरौला विधायक आरिफ अनवर हाशमी तथा युवजन सभा जिलाध्यक्ष राकेश यादव मौजूद रहे। चुनाव मैदान से वापस हटने का दर्द अली अकबर के चेहरे पर साफ झलक रहा था।
बार-बार कुरेदने पर उन्होंने कहा कि चुनाव मैदान छोड़ने का असली कारण वह 8 फरवरी के बाद बताएंगे। चर्चा है कि क्षेत्र में उनके खिलाफ पार्टी के ही कुछ जिम्मेदार लोग साजिश कर रहे थे। बीडीसी सदस्यों पर पार्टी व प्रशासन के लोग अली असगर का विरोध करने के लिए दबाव बना रहे थे।
यही नहीं क्षेत्र के करीब 20 सपा समर्थित बीडीसी सदस्यों को पार्टी के लोगों ने ही छिपा रखा है ताकि अली असगर चुनाव न जीत सकें। लोगों का यहां तक कहना है कि उतरौला एसडीएम भी अली असगर के खिलाफ हैं। यह बात सपा के पूर्व प्रदेश सचिव अली अकबर ने भी स्वीकार की है।
कुल मिलाकर घोषित प्रत्याशी के मैदान छोड़ने को लेकर यह माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में उतरौला क्षेत्र में सपा की गुटबाजी मुखर हो सकती है। सपा जिलाध्यक्ष ओंकार नाथ पटेल ने बताया कि बीमारी के चलते अली असगर ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया है। पार्टी शीघ्र ही नये प्रत्याशी के नाम की घोषणा करेगी।