जल्द से जल्द गन्ना मूल्य बढ़ाने की मांग को लेकर शनिवार को भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में डीएम कार्यालय के समक्ष धरना दिया। कार्यकर्ताओं ने गन्ना मूल्य बढ़ाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए यूनियन के जिलाध्यक्ष शिवराम उपाध्याय ने कहा कि वर्तमान पेराई सत्र में सरकार व मिलर्स ने अभी तक गन्ने का मूल्य निर्धारित नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि सरकारी अनुसंसाधन केंद्रों के अनुसार गन्ना उत्पादन पर लागत प्रति क्विंटल 281.14 रुपये आ रही है। इस हिसाब से गन्ने का मूल्य 425 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाए।
धरने की अध्यक्षता करते हुए महेश्वरी गोस्वामी ने कहा कि गन्ना क्रय केंद्रों पर तौल लिपिक दलालों के पालनहार बने हैं, जिससे क्रय केंद्रों पर एक से डेढ़ क्विंटल तक घटतौली की जाती है।
यदि कोई किसान इसकी शिकायत भी करता है तो उसे दलाल डरा-धमका कर मामला खत्म कर देते हैं। संचालन कर रहे राजेश्वरी तिवारी ने कहा कि जिले में लगे अधिकतर नलकूप खराब पड़े हैं, जिससे किसानों की फसलों की सिंचाई प्रभावित है।
इस मौके पर धर्मपाल चौधरी, रक्षाराम शुक्ल, दयाराम वर्मा, सीताराम वर्मा, सदानंद दूबे, भारतीय स्वाभिमान ट्रस्ट के संतोष पांडेय आदि मौजूद रहे। भाकियू कार्यकर्ताओं ने धरने के समापन पर गन्ना मूल्य बढ़ाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।