गोंडा। नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए महिला अस्पताल की तर्ज पर सभी 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी एसएनसीयू (सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट) की सेवाएं आधुनिक होंगी।
जन्म के समय बीमारियों से पीड़ित बच्चों को भर्ती करने के लिए वार्मर वाले चार बेड की व्यवस्था की गई है। इसमें उच्च प्रशिक्षित स्टाफ नर्स 24 घंटे नवजात की निगरानी करेंगी। मंगलवार को शिफ्टवार स्टाफ नर्सों का प्रशिक्षण शुरू हो गया है।
गर्भावस्था में सावधानी न बरतने से प्रसव के समय समस्या होती है। इससे नवजात कई बीमारियों से घिर जाते हैं। ऐसे शिशुओं को तत्काल जांच व उपचार की आवश्यकता होती है।
जिला महिला अस्पताल में एसएनसीयू की व्यवस्था है। इसी प्रकार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी मशीनों की उपलब्धता व स्टाफ की नियुक्ति होने के बाद अब कर्मियों को प्रशिक्षण देकर सीएचसी पर भी हाईटेक एसएनसीयू की व्यवस्था शुरू की जाएगी।
ऑन कॉल पहुंचेंगे बालरोग विशेषज्ञ
एसएनसीयू में फोटोथैरेपी, रेडियो वार्मर (जॉन्डिस मरीज के लिए), वार्मर मशीन, ऑक्सीजन, बीपी मशीन, इंसयूजन पंप आदि की व्यवस्था की गई है। चार बेड का वार्ड बनाया गया है। इसमें प्रशिक्षण प्राप्त स्टाफ नर्सों की तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगाई जाएगी। जरूरत पड़ने पर ऑन कॉल बाल रोग विशेषज्ञ को बुलाया जाएगा। मंगलवार से महिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रामलखन की उपस्थित में स्टाफ नर्सों का प्रशिक्षण शुरू हुआ। डीसीपीएम डॉ. आरपी सिंह ने निरीक्षण कर प्रशिक्षुओं को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान आरएस राठौर, अखिलेश गोस्वामी आदि रहे।