परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार व अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता को लेकर गुरुवार को विद्यालय प्रबंध समितियों के अध्यक्षों की कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने एसएमसी अध्यक्षों को विद्यालय व्यवस्था की निगरानी के टिप्स दिए और उन्हें कर्तव्य निष्ठा का पाठ पढ़ाया।
शहर के टाउन हाल में आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार सिंह ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय पूरे उदई की छात्राओं ने सरस्वती वंदना व स्वागत गीत प्रस्तुत किया। बीएसए ने विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालय की सभी गतिविधियों में विद्यालय प्रबंध समितियों की अहम भूमिका है।
एमडीएम के संचालन से लेकर स्कूल यूनिफॉर्म के वितरण व अन्य सभी योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखना एसएमसी अध्यक्षों की जिम्मेदारी है। इसके लिए उन्हें हमेशा जागरूक रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करना पडे़गा।
उन्होंने कार्यशाला में मौजूद शिक्षकों को भी अनुशासन का पाठ पढ़ाया और कहा कि शिक्षक अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी पूर्वक करें। जिला समन्वयक प्रशिक्षण चंद्रभान पांडेय ने कार्यशाला के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला के प्रथम सत्र में प्रशिक्षक तोताराम पांडेय, श्याम सुंदर पांडेय व रामचंद्र मिश्र ने विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्षों को उनके कर्तव्यों को लेकर उन्हें जागरूक किया। प्रशिक्षक निवेदिता द्विवेदी व विनीता कुशवाहा ने मीना मंच के पुनर्गठन व उसको मजबूत बनाने पर जोर दिया।
बालिका शिक्षा की जिला समन्वयक रजनी श्रीवास्तव ने कस्तूरबा गंाधी आवासीय बालिका विद्यालय से कक्षा 8 पास करने वाली बालिकाओं की शिक्षा के लिए एल्युमिनाई के संबंध में जानकारी दी।