गोंडा। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) एक्सप्रेस में दूसरे के ई टिकट पर यात्रा कर रहे छह मुसाफिरों को पकड़ा। जांच में टिकट के क्यूआर कोड से छेड़छाड़ की पुष्टि हुई। इसके बाद सभी यात्रियों को हिरासत में ले लिया गया।
आरपीएफ के अनुसार मंगलवार रात गाड़ी संख्या 20104 एलटीटी एक्सप्रेस के एस-1 और एस-3 कोच में विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान प्रभारी निरीक्षक राशिद बेग मिर्जा की टीम ने जांच के दौरान एस-1 कोच की बर्थ संख्या 2, 3, 5, 6 और 40 तथा एस-3 कोच की बर्थ संख्या 32 पर यात्रा कर रहे छह मुसाफिर पकड़े। पूछताछ में पता चला कि ये यात्री ओपनिंग श्रेणी में दूसरे के नाम आरक्षित ई टिकट पर सफर कर रहे थे।
आरपीएफ टीम ने यात्रियों द्वारा प्रस्तुत आधार कार्ड का एम-आधार एप से सत्यापन किया। जांच में टिकट के क्यूआर कोड से छेड़छाड़ की पुष्टि होने पर यात्रियों को हिरासत में ले लिया गया। आरपीएफ इंस्पेक्टर अनिरुद्ध राय ने बताया कि पकड़े गए यात्रियों और तीन अज्ञात दलालों के खिलाफ रेलवे अधिनियम की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज किया गया है। फर्जी आधार कार्ड, ई टिकट, भुगतान से जुड़े दस्तावेज और मोबाइल चैट रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। सभी टिकट करीब 60 दिन पहले बुक किए गए थे। इन सभी की बोर्डिंग बस्ती स्टेशन से दिखाई गई थी।
टिकट के दाम से दोगुना वसूला गया पैसा
पूछताछ में यात्रियों ने बताया कि उन्होंने मुंबई और बस्ती में अपने परिचितों के माध्यम से दलालों से टिकट हासिल किए थे। इसके लिए कुल 23,900 रुपये का भुगतान किया गया, जबकि संबंधित टिकटों का वास्तविक किराया 11,866 रुपये था। जांच में सामने आया कि दलालों ने पहले से बुक टिकटों में नाम बदलकर और पहचान पत्रों में तकनीकी छेड़छाड़ कर उन्हें यात्रियों को उपलब्ध कराया। इसके एवज में वास्तविक किराये से हजारों रुपये अधिक वसूले गए।
ये यात्री पकड़े गए
सुनील गुप्ता, निवासी बोरीवली, मुंबई
रीना, निवासी बोरीवली, मुंबई
सतेंद्र सिंह, निवासी चकिया, संतकबीरनगर
हरिकेश यादव, निवासी गौरापार, संतकबीरनगर
फैजान अहमद, निवासी छपिया, संतकबीरनगर
ईश्वर चंद, निवासी नसीराबाद, महराजगंज