विकास खंड छपिया के बभनीखास गांव में सोमवार देर शाम उल्टी-दस्त से छह लोग बीमार हो गए। सूचना पाकर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पीड़ितों का गांव में ही प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद पीड़ित परिवारों को क्लोरीन टेबलेट का वितरण करने के साथ ही गांव में दवाओं का भी छिड़काव कराया।
बभनीखास गांव में रहने वाले मनोज (25) पुत्र घिर्राऊ को देर शाम अचानक उल्टियां होने लगीं। इसके बाद देखते ही देखते उसके पिता घिर्राऊ (50), घिर्राऊ की पुत्री रूबी (15) को भी उल्टी-दस्त होने लगे। जबकि गांव के अन्य लोगों में मधु (25) पत्नी विष्णु, मेहीलाल (28), रागिनी (25) सहित गांव के कुछ और लोग भी उल्टी-दस्त से पीड़ित हो गए।
गांव के पूर्व प्रधान शिवकुमार ने तत्काल इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी। इसके बाद मौके पर पहुंचे चिकित्साधिकारी डॉ .एम अख्तर व एएनएम पुष्पा मिश्र सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पीड़ितों का उपचार किया।
वहीं, रूबी पुुत्री घिर्राऊ की हालत गंभीर होने पर उसके परिवारीजन उसे बस्ती लेकर चले गए। ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री के कारण दूषित जल से आए दिन उनकी तबीयत खराब होती रहती है।
जमुनहा स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधिकारी डॉ. एम अख्तर ने बताया कि नल का पानी दूषित था, जिसके कारण उल्टी-दस्त की दिक्कत लोगों को हुई थी। फिलहाल बीमारी पर काबू पा लिया गया है।