कार्यालय में जन सुनवाई करते आयुक्त शशिभूषण लाल सुशील। स्रोत: विभाग
गोंडा। मंडलायुक्त कार्यालय में आयोजित ‘मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ में एक बार फिर त्वरित प्रशासनिक हस्तक्षेप का असर देखने को मिला। छह महीने से जमीन विवाद को लेकर दफ्तरों के चक्कर काट रहीं खरगूपुर के फरेंदा शुक्ल निवासी सुभाषिनी को महज दो घंटे में न्याय मिल गया। राहत मिलने पर वह अधिकारियों को धन्यवाद देने स्वयं कार्यालय पहुंचीं।
अपर आयुक्त मीनू राणा ने बताया कि बीते महीने सुभाषिनी ने शक्ति संवाद में प्रार्थनापत्र देकर शिकायत की थी कि उनकी जमीन पर अन्य लोगों ने फसल की बोआई कर दी है। लंबे समय से विभिन्न कार्यालयों में फरियाद के बावजूद समाधान नहीं हो पा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल सदर एसडीएम को जांच कर न्यायोचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। निर्देश के अनुपालन में राजस्व निरीक्षक व लेखपाल की टीम मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे तक दोनों पक्षों को समझाया। प्रशासनिक पहल से सहमति बनी कि दोनों पक्ष अपने-अपने हिस्से की जमीन पर ही बोआई करेंगे। समझौते के बाद विवाद समाप्त हो गया। सुभाषिनी ने कहा कि महीनों की परेशानी का समाधान कुछ ही घंटों में हो गया।
वहीं जनसुनवाई के दौरान उमरी बेगमगंज के एक गांव की महिला ने कुछ लोगों पर मारपीट व अभद्रता का आरोप लगाते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई। तरबगंज के पिपरहवा निवासी लक्ष्मी ने शिकायत की कि जमीन की पैमाइश के दौरान लेखपाल ने विपक्षी के दबाव में नाप नहीं की, जिससे कब्जा खाली नहीं हो सका। मंडलायुक्त शशिभूषण लाल सुशील ने बताया कि प्रत्येक सोमवार को आयुक्त कार्यालय में ‘मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ के तहत महिलाओं की समस्याओं की सुनवाई की जाती है।