सरकार जनधन खाते में धनराशि जमा करने के लिए खाता धारकों को मना कर रही है, इसके बावजूद जिले के एक बैंक के तीन हजार खाते में छह करोड़ रुपये जमा हो गए हैं। वैसे तो जिले भर में करीब 3.5 लाख खाते खोले गए थे, लेकिन इन खातों में कितनी रकम जमा हुई यह बताने के लिए बैंक के अधिकारी कतरा रहे हैं। एक बैंक मैनेजर की मानें तो जिले में जनधन खातों में 50 करोड़ से अधिक राशि जमा हो गई है।
वहीं लीड बैंक मैनेजर पूरे मामले को गोल-गोल घुमा कर बताने से कतरा रहे हैं, जबकि केंद्र सरकार जनधन खातों जमा राशि का खुलासा कर खाता धारकों को इससे बचने की सलाह दे रही है। हालांकि लीड बैंक मैनेजर का कहना है कि जनधन खातों में जमा की गई राशि की सूचना इनकम टैक्स विभाग भेजी गई है, जबकि इनकम टैक्स आफीसर ने कहा कि उनके पास इस तरह की कोई सूचना नहीं भेजी गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में जनधन खाते खुलवाने के लिए अभियान चलाया था। इस अभियान में जिले भर में दो किस्तों में अकाउंट खोले गए थे। पहले चरण में जिले भर के बैंकों में एक लाख 90 हजार खाते खोले गए थे। दूसरे चरण जनधन खातों की संख्या बढ़कर तीन लाख 50 हजार हो गई। सभी खाते शून्य बैलेंस पर खोले गए थे। एक बैंक की कई शाखाओं में तीन हजार खाते जनधन के खुले हैं। आठ नवंबर के पहले इन खातों में धनराशि जमा नहीं थी लेकिन इसमें अब तक छह करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं। बताया गया कि एक जनधन खाता में अधिकतम राशि 50 हजार से अधिक नहीं हो सकती है लेकिन यहां कई खातों में इससे अधिक राशि जमा की गई है।
बैंक के फ्रेंचाइजी खफा रहे कालाधन
गोंडा। जिले में पांच राष्ट्रीयकृत बैंकों ने टीसीएस(फ्रेंचाइजी) दे रखी है। इसमें स्टेट बैंक, इलाहाबाद बैंक, सेंट्रल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया व पंजाब नेशनल बैंक के जिले भर में टीसीएस केंद्र हैं। इनके माध्यम से ही अधिकांश जनधन के खाते खोले गए थे। एक बैंक मैनेजर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि फ्रेंचाइजी चलाने वाले केंद्र ही जनधन के खाते में पैसा जमा करवा रहे हैं। वैसे तो बैंकों में सूचना चस्पा है कि जनधन खाते में राशि नहीं जमा की जाएगी इसके बावजूद जनधन खातों में कालेधन को खपाया जा रहा है।
कोई कालाधन नहीं जमा किया
शहर के सिविल लाइन की जनधन खाता संचालक वंदना ने बताया कि उनके खाते में उनके द्वारा जमा की गई राशि बहुत पहले की है। उन्होंने किसी प्रकार की राशि आठ नवंबर के बाद नहंी जमा की है। शांती नगर कटरा की संजू ने बताया कि वह डर रही हैं कि उनके खाते में जमा राशि न कोई निकाल ले। तेंदुआ भगत के अरविंद शुक्ल व गोंडा शहर के सुशील त्रिपाठी ने बताया कि कालाधन उन लोगों के खाते में जमा हो रहे हैं जो नेताओं व अधिकारियों के आगे पीछे घूमते हैं। उन लोगों के पास न कालाधन है और जमा किया है।
आयकर विभाग को भेजी गई है सूचना
पूरे जिले में जनधन के साढ़े तीन लाख खाते विभिन्न बैंकों में खोले गए हैं। खातों में कितनी धनराशि जमा हुई है यह गोपनीय होता है। जनधन खातों में जमा धनराशि का विवरण आयकर विभाग को भेजा गया है।
-एके पांडेय, एलडीएम गोंडा
नहीं दी गई है कोई सूचना
नियम है कि बैंक पहले जमा की गई धनराशि व जनधन खाते समेत सभी प्रकार की सूचना आरबीआई भेजती है और आरबीआई से उनके विभाग को सूचना दी जाती है। बैंकों से उनके पास जनधन या किसी अन्य प्रकार की सूचना नहीं भेजी गई है।
-एचपी मौर्य, जिला आयकर अधिकारी गोंडा