प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को आवास दिए जाने के लिए उनका पंजीकरण आवास साफ्ट की वेबसाइट पर पंजीकरण न कराना छह ब्लाकों के खंड विकास अधिकारियों व सहायक लेखाकारों को मंहगा पड़ गया है। मुख्य विकास अधिकारी ने योजना के संचालन में लापरवाही बरतने के आरोप में इन सभी अफसरों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है।
वर्ष 2011 की आर्थिक,सामाजिक व जातिगत जनगणना के आधार पर आवास विहीन पात्र परिवारों को छत उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार व राज्य सरकार ने संयुक्त रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुवात की है।
इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2016-17 में जिले के करीब 9 हजार परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के संतृप्त किया जाना है। मुख्य विकास अधिकारी जयंत कुमार दीक्षित ने इसके लिए ब्लाकवार लक्ष्य का आवंटन करते हुए सभी विकास खंडों के खंड विकास अधिकारियों व सहायक लेखाकारों को पात्र परिवारों का भौतिक सत्यापन कराने का निर्देश दिया था।
सत्यापन के बाद इन पात्र परिवारों का पंजीकरण आवास साफ्ट की बेबसाइट पर कराया जाना था। सीडीओ ने 10 फरवरी तक इनका शत प्रतिशत पंजीकरण कराने के लिए अफसरों को निर्देशित किया था लेकिन अफसरों की लापरवाही ने इस योजना को पलीता लगा दिया।
जिले के झंझरी,रुपईडीह,पंडरीकृपाल,वजीरगंज,कर्नलगंज व नवाबगंज के बीडीओ की शिथिलता के कारण यहां एक भी लाभार्थी का आवास साफ्ट की बेबसाइट पर पंजीकरण नही हो सका।
15 फरवरी को जब इस योजना की समीक्षा की गई तो अफसरों की लापरवाही का खुलासा हुआ। सीडीओ ने इसे कार्यो के प्रति उदासीनता व निर्देशों की अवहेलना मानते हुए झंझरी के खंड विकास अधिकारी पन्नालाल व सहायक लेखाकार शिव कुमार सोनी,रुपईडीह के ज्वाइंट बीडीओ विजय प्रताप सिंह व सहायक लेखाकार अखिलेश श्रीवास्तव,पंडरीकृपाल के बीडीओ पन्नालाल व सहायक लेखाकार संजय कुमार द्विवेदी,वजीरगंज के बीडीओ अनिरुद्ध प्रताप सिंह व सहायक लेखाकार अरुण कुमार सोनी,कर्नलगंज के बीडीओ रणजीत गुप्ता व सहायक लेखाकार प्रदीप सोनी व नवाबगंज के ज्वाइंट बीडीओ केशवचंद व सहायक लेखाकार रमेश कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है।