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बहनों ने भाइयों को लगाया तिलक

Fri, 13 Nov 2015 11:34 PM IST
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
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भाई-बहन के प्यार व स्नेह का प्रतीक भइयादूज पर्व शुक्रवार को हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर लंबी आयु के लिए प्रार्थना किया। भाइयों ने बहनों को उपहार भेंट कर उनके खुशहाल जीवन की कामना की।
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यम द्वितीया के दिन जगह-जगह गोवर्धन की पूजा भी की गई। चित्रगुप्त जयंती पर चित्रांश परिवार के लोगों ने भगवान चित्रगुप्त की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।

कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भइयादूज पर्व मनाने की परंपरा हजारों वर्ष पुरानी है। मान्यता है कि यम द्वितीया के दिन यमराज ने अपनी बहन यमुना के घर पहुंचकर भोजन किया था।
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आतिथ्य सत्कार से प्रसन्न यमराज ने बहन यमुना को वरदान दिया था कि कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को जो भाई यमुना में स्नान कर बहन के घर भोजन करेगा उसे यमराज का भय नहीं होगा।

इसी मान्यता के अनुसार यम द्वितीया के दिन पूरे जिले में भइया दूज पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया व मिठाई खिलाकर उनकी दीर्घायु की कामना की। भाईयों ने भी बहनों को तरह-तरह के उपहार भेंट किये।

कार्तिक मास शुक्ल पक्ष द्वितीया के दिन गोवर्धन पूजा का भी विधान है। धर्म ग्रंथों के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने देवराज इंद्र का अहंकार समाप्त करने के लिए गोकुल वासियों को उनकी पूजा करने के बजाए गोवर्धन पर्वत की पूजा करने का सुझाव दिया था।

भगवान श्रीकृष्ण के इस सुझाव से नाराज देवराज इंद्र ने लगातार सात दिनों तक मूसलाधार बारिश की। वर्षा से गोकुल वासियों को कोई नुकसान न हो इसके लिए भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर सभी को उसी के नीचे शरण दिया।

भगवान श्रीकृष्ण की पहचान जानकर इंद्र देव ने उनसे क्षमा याचना की। तभी से गोवर्धन पूजा करने की परंपरा चली आ रही है।

यम द्वितीया के दिन शुक्रवार को नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर विधि-विधान के साथ गोवर्धन पूजा की गई। लोगों ने गोवर्धन पूजा करके धन-धान्य का आशीर्वाद मांगा।

चित्रांश परिवारों द्वारा शुक्रवार को भगवान चित्रगुप्त का जन्मदिवस धूमधाम के साथ मनाया गया। चित्रगुप्त जयंती पर कलाम-दवात की पूजा की गई और बुद्धि के देवता भगवान चित्रगुप्त से ज्ञान व बुद्धि का आशीर्वाद मांगा गया।

चित्रगुप्त सभा बलरामपुर द्वारा मोहल्ला पूरब टोला स्थित चित्रगुप्त मंदिर में तमाम कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मंदिर में सामूहिक रूप से कलम-दवात का पूजन किया गया।

इसके बाद चित्रांश परिवारों का सामूहिक भोज आयोजित किया। शाम को कवि सम्मेलन व मुशायरे में तमाम कवि व शायरों ने रचनाएं सुनाईं। कार्यक्रम का संचालन चित्रगुप्त सभा के संयुक्त मंत्री दिलीप श्रीवास्तव ने किया।

इस अवसर पर लक्ष्मी प्रसाद श्रीवास्तव, आदित्य प्रसाद श्रीवास्तव, प्रेम कुमार श्रीवास्तव, विनय श्रीवास्तव, रेनू श्रीवास्तव, रीता श्रीवास्तव, सरिता श्रीवास्तव एवं धर्मेंद्र कुमार श्रीवास्तव समेत तमाम चित्रांश परिवार के लोग मौजूद रहे।
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