संपूर्ण समाधान दिवस में सुनवाई करते अधिकारी। संवाद
रुपईडीह/तरबगंज/मनकापुर/करनैलगंज। पति की मौत के बाद अपना घर पाने के लिए 10 साल से अधिकारियों के चक्कर काट रही भाले सुल्तानपुरवा निवासी विधवा सावित्री देवी शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में डीआईजी अशोक कुमार के सामने पहुंचीं। हाथ जोड़कर बोलीं, ‘साहब, मेरा घर खाली करा दीजिए।’ डीआईजी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीओ और प्रभारी निरीक्षक को पुलिस-राजस्व की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
सावित्री ने बताया कि 10 साल पहले उन्होंने एक रिश्तेदार को 15 दिन रहने के लिए मकान दिया था। आरोप है कि रिश्तेदार ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर मकान पर कब्जा कर लिया। मनकापुर तहसील में 137 शिकायतें आईं, छह का मौके पर निस्तारण हुआ।
सदर तहसील में चुंगी नाका मेवातियान निवासी संतोष गुप्ता ने बताया कि जुलाई 2020 में पति शिवबाबू गुप्ता की करंट लगने से मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का लाभ अब तक नहीं मिला। डीएम प्रियंका निरंजन ने 135 शिकायतें सुनीं और पांच का मौके पर निस्तारण किया। तालाब, चकरोड, नाली और अतिक्रमण के मामलों में संयुक्त कार्रवाई की फोटो-वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए।
तरबगंज तहसील में कटहा की माया देवी ने पति और दो बेटों की मौत के बाद जमीन पर कब्जे की कोशिश और धमकी की शिकायत सीआरओ रिंकी जायसवाल से की। यहां 88 शिकायतें आईं, पांच का निस्तारण हुआ। करनैलगंज में 41 शिकायतें आईं, लेकिन एक का भी मौके पर निस्तारण नहीं हो सका। बिजली के खंभे, खतौनी में नाम दर्ज करने और जमीन पर कब्जे से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रहीं।
संपूर्ण समाधान दिवस में सुनवाई करते अधिकारी। संवाद
संपूर्ण समाधान दिवस में सुनवाई करते अधिकारी। संवाद
संपूर्ण समाधान दिवस में सुनवाई करते अधिकारी। संवाद