विद्यालय के प्रबंधकीय विवाद को लेकर अपहृत युवक की हत्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार को गांव पहुंची पुलिस को दौड़ा लिया। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह भाग कर जान बचाई। बाद में दो थानों की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। देर शाम युवक का शव उसके गांव पहुंचा तो वहां कोहराम मच गया। हत्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी, थानाध्यक्षों के निलंबन व पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग पर अड़े रहे।
एसडीएम व सीओ के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए। वहीं, विद्यालय के प्रबंधकीय विवाद को लेकर अपहृत युवक की हत्या के विरोध में छपिया बाजार में दुकानें बंद रहीं।
छपिया थाना क्षेत्र के नरैचा गांव के रहने वाले सुनील वर्मा व उसके चचेरे भाई रामविलास का 19 जनवरी को तालागंज के समीप नदी किनारे उस समय अपहरण कर लिया गया था, जब वह दोनों राजगीर सरजू प्रसाद के साथ बाइक से केशवनगर ग्रन्ट के विद्यालय में चल रहे निर्माण कार्य को देखने जा रहे थे।
अपहरणकर्ताओं ने बाद में रामविलास को मोतीगंज के कुंदरखी शुगर मिल के समीप छोड़ दिया। मगर सुनील की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को मनकापुर के समीप टिकरी जंगल में फेंक दिया।
शुक्रवार को नरैचा गांव पहुंचे चौकी प्रभारी बभनान जेपी भट्ट व उपनिरीक्षक ओमप्रकाश भारती को आक्रोशित ग्रामीणों ने दौड़ा लिया। इससे पुलिसकर्मियों को भागकर खुद को बचाना पड़ा। बाद में धानेपुर व मोतीगंज पुलिस ने गांव में पहुंचकर स्थिति संभाली।
पोस्टमार्टम के बाद शाम को जब सुनील का शव उसके गांव पहुंचा तो वहां कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने छपिया मंदिर मार्ग पर शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और पुलिस के विरोध में प्रदर्शन किया।
ग्रामीण आरोपियों की 24 घंटे के अंदर गिरफ्तारी, थानाध्यक्ष छपिया व खोड़ारे के निलंबन, परिवार की सुरक्षा, पांच लाख रुपये मुआवजा दिलाने की मांग पर अड़े रहे।
ग्रामीणों ने मांगों से संबंधित ज्ञापन एसडीएम मनकापुर अनिल मिश्र व सीओ अमित किशोर को सौंपा। एसडीएम व सीओ के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए।
उधर, विद्यालय के प्रबंधकीय विवाद को लेकर अपहृत युवक की हत्या के विरोध में छपिया बाजार में दुकानें बंद रहीं। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए एहतियातन गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
थाना छपिया क्षेत्र के नरैचा गांव के रहने वाले सुनील वर्मा व उसके चचेरे भाई रामविलास का 19 जनवरी को तालागंज के समीप नदी किनारे उस समय अपहरण कर लिया गया था, उसके बाद सुनील की हत्या कर शव को टिकरी जंगल में फेक दिया गया। हत्या के विरोध में शुक्रवार को छपिया बाजार में दुकानें बंद रहीं।