आक्रोशित शिक्षामित्र गुुरुवार को गांधी पार्क में एकत्र हुए और यहां से जुलूस निकाला। सैकड़ों शिक्षामित्रों का हुजूम शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज के सामने पहुंचा, जहां वे गोंडा-लखनऊ मार्ग पर ही बैठ गए और जाम लगा दिया। यहां से शिक्षामित्र डीएम के आवास पहुंचे और उनका आवास घेर लिया।
भारी पुलिस चौकसी होने के बावजूद शिक्षामित्र डीएम बंगले पर पहुंच गए और उन्हें बाहर आकर उनका मांगपत्र लेना पड़ा। शिक्षामित्रों ने प्रधानमंत्री व मानव संसाधन विकास मंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय को सौंपा।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के बैनर तले शिक्षामित्र गांधी पार्क में एकत्र हुए, जहां अपनी मांगों को लेकर धरना दिया। शिक्षामित्रों की मांग रही कि उन्हें टीईटी से मुक्त रखा जाए। कहा कि जब तक उनके हितों में कोई फैसला नहीं लिया जाएगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
संघ के जिलाध्यक्ष शिवकुमार शुक्ल ने कहा कि उत्तराखंड, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश के शिक्षामित्रों को टीईटी से छूट दी गई, उसी तरह उन सबको भी एनसीटीई द्वारा छूट दी जानी चाहिए। यहां से शिक्षामित्रों का जुलूस जिलाधिकारी आवास पहुंचा, जहां शिक्षामित्रों ने प्रधान मंत्री और मानव संसाधन विकास मंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
शिक्षामित्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से हुई वार्ता के क्रम में सभी शिक्षामित्र अपने तैनाती वाले स्कूलों में शुक्रवार से जाएंगे और विरोध स्वरूप बांह में काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करेंगे। इस मौके पर शिवकुमार शुक्ल, रामलाल साहू, जितेंद्र प्रकाश ओझा, शिवमूर्ति पांडेय आदि मौजूद रहे।
आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले शिक्षामित्रों के एक प्रतिनिधि मंडल ने भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह से मिलकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। दिए गए ज्ञापन में शिक्षामित्रों ने मांग की है कि उन्हें पूर्व की तरह सहायक अध्यापक पद के लिए बहाल किया जाए नहीं तो उन्हें इच्छा मृत्यु की इजाजत दी जाए।
इस पर सांसद ने आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को उचित फोरम तक पहुंचा कर उनके हित में कार्य कराया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में प्रमोद शुक्ल, विजय शुक्ल, अशोक सिंह, विनय तिवारी, बलवंत सिंह, शिवकुमार, सर्वजीत कुमार, अवधेश, राम शंकर आदि मौजूद रहे।
गुरुवार को जब शिक्षामित्रों का आक्रोश सातवें आसमान पर था और वे नौकरी वापस करने की मांग कर रहे थे, तभी जुलूस में शामिल महिला शिक्षामित्र इंदु पांडेय सिंचाई विभाग के पास चक्कर खाकर गिर गईं। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।