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शारदीय नवरात्र आज से शुरू

Fri, 30 Sep 2016 11:59 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
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सजा मां का दरबार - फोटो : अमर उजाला
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शारदीय नवरात्र शनिवार से शुरू हो रहा है। इसे लेकर करीब सप्ताह भर से तैयारियां चल रही थीं, लेकिन पितृपक्ष में नया सामान खरीदना शुभ न होने के कारण शनिवार को देवी मंदिरों व घरों की श्रद्धालुओं ने सफाई की। शनिवार को पूजन खरीद के साथ ही कलश स्थापना सहित अन्य कार्यक्रम संपन्न कराए जाएंगे। 
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आदि शक्ति जगत जननी मां जगदंबा को प्रसन्न कर वांछित मनोकामना पूरी करने वाला शारदीय नवरात्र शनिवार से शुरू हो रहा है हालांकि नवरात्र को लेकर करीब सप्ताह भर से तैयारियां चल रही थीं। इस दौरान पूजन समितियों का गठन, जागरण सहित अन्य धार्मिक आयोजनों की तैयारी बैठक काफी पहले कर ली गई थीं।

धार्मिक स्थलों की सफाई का अभियान चला। शुक्रवार को देवी मंदिरों की रंगाई पुताई की। देवी मंदिर के पूरे प्रांगण की धुलाई की गई। शनिवार से यहां दस दिनों तक पूजन होगा। श्रद्धालुओं की भारी संख्या में जुटने वाली संख्या को देखते हुए प्रशासन भी व्यवस्था को चांक चौबंद करने में प्रयासरत दिखा।
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उधर ,श्रद्धालु नौ दिनों के महापर्व को लेकर काफी उत्साहित दिखे। घरों में साफ-सफाई की गई। शनिवार को पूजन सामग्री की खरीददारी के साथ ही कलश स्थापना आदि धार्मिक कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे। उधर, दुर्गा पूजा के लिए शुक्रवार से ही देवी प्रतिमाएं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रवाना होने लगीं, हालांकि शहर में लोग शुभ मुहूर्त के इंतजार में हैं, इसलिए शनिवार से प्रतिमाएं खरीदेंगे।

पूजन सामग्रियों के साथ देवी प्रतिमा की स्थापना के लिए खास मुहूर्त का ध्यान रखा जाता है, इसलिए शारदीय नवरात्र शनिवार से शुरू होने के बावजूद पितृ पक्ष के चलते शहर में प्रतिमाओं की खरीददारी कम हुई। माना जा रहा है कि शुक्रवार को पितृ विसर्जन हो गया और अब शनिवार से देवी प्रतिमाओं की स्थापना शुरू हो जाएगी हालांकि सुदूर वाले ग्रामीण क्षेत्रों में लोग पूजन को ही शुभ मानकर प्रतिमाएं ले जाते दिखे। 

नवरात्र के पहले दिन कलश (घट) स्थापना की होगी। पंडित ललित मोहन मिश्र के अनुसार मिट्टी से वेदी बनाकर उसमें हरियाली के प्रतीक जौ को बोने चाहिए। फिर मिट्टी या तांबे के कलश को विधिपूर्वक स्थापित करने के बाद मां की प्रतिमा स्थापित करें। कलश स्थपना का अभिजित मुहूर्त 11.36 बजे से 12.24 बजे तक है।  
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