गोंडा। कौड़िया थाना क्षेत्र में एक युवती को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले मेें कोर्ट ने शनिवार को फैसला सुनाया। इसमें दोषी को सात साल कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) विनय कुमार सिंह ने बताया कि कौड़िया थाना क्षेत्र के ग्राम पूरेबदल खास बरईपुरवा निवासी सुखराजी ने 14 नवंबर 2020 को थाने में तहरीर दी थी। इसमें कहा कि उसकी 18 साल की बेटी अनीता सुबह आठ बजे शौच के लिए बाहर गई थी। रास्ते में गांव के ही ओमप्रकाश उर्फ मिंटर और आशू ने अभद्र व्यवहार किया। इससे क्षुब्ध होकर अनीता घर आई और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और युवती को आत्महत्या के लिए उकसाने के साक्ष्य मिलने पर आरोपी ओमप्रकाश के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने ओमप्रकाश को दोषी ठहराया।
शनिवार को मामले में निर्णय सुनाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम पूजा सिंह ने ओमप्रकाश को सात साल कठोर कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अदालत ने अर्थदंड की आधी रकम मृतका की मां को देने का आदेश दिया है।