गोंडा। बेसिक शिक्षा के परिषदीय स्कूलों में कार्यरत सात शिक्षक ऐसे हैं जो ड्यूटी पर ही नहीं आ रहे हैं। स्कूलों में सेटिंग-गेटिंग कर नौकरी करने वाले इस सहायक अध्यापकों की नौकरी जानी लगभग तय है। लंबे समय से स्कूल न आने वाले इन शिक्षकों का ब्यौरा विभाग को मिला है और शिक्षकों को उनके घरों पर नोटिस भी भेजी गई। इसके बाद भी कोई सुधार नही हुआ।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. इन्द्रजीत प्रजापति ने सातों शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि सातों शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त किए जाएंगे। एक अवसर देने के बाद इन सभी शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी जाएगी।
स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी से भागने वाले शिक्षकों की अब मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। विभाग ने सात शिक्षकों की पूरी कुंडली तैयार कर ली हैं। विभाग की मानें तो इन शिक्षकों ने शिक्षण कार्य कई महीनों से नहीं किया और स्कूल तक नहीं गए। खंड शिक्षा अधिकारियों ने जांच के दौरान भी स्कूल न आने पर चेतावनी दिया फिर भी स्कूल न आकर दबाव बनाना शुरू कर दिए।
इस पर विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है और अब स्कूल न आने वाले इन शिक्षकों को सेवा से ही बाहर करने की तैयारी शुरू हो गई है। बीएसए डॉ. इन्द्रजीत प्रजापति ने कहा कि कार्रवाई पूरी कर ली गई है, एक अंतिम अवसर पक्ष रखने का दिया जा रहा है। इसके बाद इन सातों शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।
स्कूल न आने वाले शिक्षकों को सेवा में रखने का कोई औचित्य नहीं है। सुधार न हुआ तो और भी शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही बीते दिनों दो शिक्षकों को निलंबित किया गया है और 24 शिक्षकों का पूरे माह का वेतन रोक दिया गया है। स्कूल न आने वाले शिक्षकों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है।
इन शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त करने की हो रही तैयारी
परिषदीय स्कूल न आने वाले सात शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने की कार्रवाई में सोमवार को नोटिस जारी करने की तैयारी है। जिसमें वजीरगंज ब्लॉक के उच्च प्राथमिक स्कूल नियामतपुर के नरेंद्र सिंह 5 मार्च 2019 से स्कूल नहीं आ रहे हैं। प्राइमरी स्कूल कोमर की पूजा सिंह 24 जुलाई 2017 से, नवाबगंज के प्राइमरी स्कूल कोल्हमपुर विशेन की नेहा गर्ग 14 जनवरी 2020 से, छपिया के प्राइमरी स्कूल सिकरी तप्पाकोट के विनोद यादव 5 मार्च 2019 से, हलधरमऊ के प्राइमरी स्कूल सेल्हरी के अमित कुमार 23 अक्तूबर 2017 से, प्राइमरी स्कूल मुरावन पुरवा के अनिल कुमार माह नवंबर 2018 से, बभनजोत के प्राइमरी स्कूल केशवनगर उत्तरी के कविराज विमल एक जुलाई 2019 से स्कूल ही नहीं आए हैं।
दो शिक्षकों ने स्कूल आने का दिया शपथ पत्र, पांच को सातों पर फैसला
स्कूल न आने वाले 7 शिक्षकों की सेवा समाप्ति पर 5 अक्तूबर को फैसला होना तय हो गया है। बीएसए ने पत्रावली तैयार कर ली है और 5 अक्टूबर को सेवा समाप्ति की कार्रवाई करने के लिए बैठक बुलाई है। 5 अक्तूबर के पहले इन शिक्षकों ने अपना पक्ष दिया तो विचार करने के बाद फैसला होगा, शिक्षकों के न आने पर सीधे बर्खास्तगी की कार्रवाई होगी।
सात शिक्षकों के अलावा दो और शिक्षक ऐसे थे जिनकी रिपोर्ट मिली थी, उन लोगों ने कोविड संकट से असमर्थता जताई और स्कूल नियमित आने का शपथ पत्र दिया है। ऐसे में उनकी अलग से जांच हो रही है। बताया जा रहा है कि वह लोग कोविड संकट के दौरान ही स्कूल नही आए थे।
परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों के नियमित न आने पर कार्रवाई की जा रही है। सात शिक्षकों की सेवा समाप्ति तय है और पांच अक्तूबर तक इनसे जवाब मांगा जा रहा है। इसके बाद विभाग की सेवाओं से मुक्त कर दिया जाएगा।
- डॉ. इंद्रजीत प्रजापति, बीएसए