गोंडा। परिषदीय स्कूलों में सेल्फी से हाजिरी देने के लिए लागू किए गए प्रेरणा एप के विरोध में शिक्षक लामबंद हैं। शिक्षक संगठनों ने विधायकों को ज्ञापन देकर ऐसी व्यवस्था को समाप्त कराने की मांग की। वहीं करनैलगंज के सात न्याय पंचायत समन्वयकों (एनपीआरसी) ने खंड शिक्षा अधिकारी को अपने अतिरिक्त कार्य के पद से इस्तीफा दे दिया है। इस विरोध के बावजूद सोमवार को 17 शिक्षा क्षेत्रों में से सिर्फ करनैलगंज में प्रेरणा एप को डाउनलोड करने का प्रशिक्षण भी दिया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह ने बताया कि प्रेरणा एप को लेकर गलतफहमी पैदा की जा रही है। आम शिक्षकों की ओर से कोई विरोध नहीं है।
प्रदेश सरकार ने 4 सितंबर को शिक्षक संगठनों की आपत्ति के बाद भी एप लांच कर दिया। लेकिन जिलों में इसके क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। शिक्षकों का विरोध भी जारी है, दो दिनों तक संगठनों ने धरना देकर विरोध जताया और प्रेरणा एप को सम्मान के विरोध में माना है। एबीआरसी और एनपीआरसी की ओर से इस्तीफा दिए जाने की शुरुआत भी हो चुकी है।
करनैलगंज के बीईओ आरपी सिंह ने शिक्षकों को प्रेरणा एप का प्रशिक्षण विरोध के बाद भी करा दिया है और दावा किया है कि शिक्षकों ने एप के हर पहलुओं को समझा है। समस्याएं भी बताई हैं। इसी बीच करनैलगंज के ही न्याय पंचायत समन्वयक रामगढ़ के शब्बीर अहमद, धनावां के हरिनरायण, करनैलगंज के बालकराम त्रिपाठी, भंभुआ के राम चन्द्र, कटरा के जय प्रकाश तिवारी, पाल्हापुर के ओम प्रकाश शुक्ल व सरैंया के शिव गोपाल मिश्र ने एनपीआरसी पद से इस्तीफा दे दिया है।
न यूजर मिला न पासवर्ड, कैसे लागू होगा एप
प्रेरणा एप को लेकर शिक्षक संगठन शोर मचाए हैं लेकिन अभी तैयारी ही अधूरी है। जिले को यूजर और पासवर्ड ही नहीं दिए गए हैं। कितने लोगों ने एप डाउनलोड किया और कितने ने फोटो अपलोड की, इसकी डिटेल विभाग के पास नहीं है। एमडीएम समन्वयक गणेश गुप्ता ने बताया कि एमडीएम की निगरानी तो एप से होनी है, लेकिन उन्हें अभी कोई निर्देश नहीं मिला है। इसी तरह तकनीकी सेल के प्रभारी जगदीश शरण गुप्त ने बताया कि प्रशिक्षण दे दिया गया है। अभी तक जिले स्तर या बीआरसी स्तर के लिए कोई यूजर आईडी और पासवर्ड नहीं मिला है। यह मिलने के बाद ही डाउनलोड किए जाने की डिटेल मिल सकेगी।